
छतरपुर: बिजावर के पत्रकार राकेश राय पर हुए हमले और कथित फर्जी प्रकरण के विरोध में सोमवार को जिले भर के पत्रकारों ने जोरदार प्रदर्शन किया। “एसपी हटाओ, छतरपुर बचाओ” और “पुलिस अधीक्षक मुर्दाबाद” जैसे नारों के बीच पत्रकारों का आक्रोश सड़कों पर खुलकर दिखाई दिया।
जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों, वरिष्ठ पत्रकारों और बड़ी संख्या में मीडिया कर्मियों ने स्थानीय सर्किट हाउस में एकत्र होकर रैली निकाली। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और पुलिस-माफिया गठजोड़ की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।
पत्रकारों का आरोप था कि मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय पत्रकारों पर बिना जांच आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। एसपी कार्यालय पहुंचने के बाद जब पुलिस अधीक्षक आगम जैन बाहर नहीं आए, तो नाराज पत्रकार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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प्रदर्शन उस समय और उग्र हो गया जब पत्रकारों को जानकारी मिली कि संबंधित मामले से जुड़ा शराब ठेकेदार एसपी कार्यालय में मौजूद है। इसके बाद पत्रकार दोबारा एसपी कार्यालय पहुंचे और सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। अचानक हुए जाम से यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पत्रकार राकेश राय प्रकरण में शराब ठेकेदार के साथ संबंधित थाना प्रभारी और मुंशी पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों के माध्यम से संबंधित मुंशी को निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई।पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल एक पत्रकार की नहीं, बल्कि मीडिया की स्वतंत्रता और सम्मान की है।
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