
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के प्रयासों से गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ मिल रहा है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के अनुसार राज्य में ड्रिप इरीगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली) अपनाने से गन्ना उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में 73,078 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल में ड्रिप इरीगेशन संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे किसानों की उत्पादकता और आय में सुधार देखा जा रहा है।इस तकनीक के माध्यम से पानी और उर्वरकों का बेहतर उपयोग संभव हुआ है, जिससे लगभग 50 प्रतिशत तक जल की बचत भी हो रही है। साथ ही खाद सीधे पौधों तक पहुंचने के कारण खेती की लागत में कमी आई है और किसानों को आर्थिक राहत मिली है।
विभाग के अनुसार यह प्रणाली उन क्षेत्रों में भी सफल साबित हो रही है जहां कम बारिश होती है या मिट्टी क्षारयुक्त है, जिससे अब ऐसे इलाकों में भी गन्ने की खेती संभव हो पाई है जहां पहले सीमित उत्पादन होता था।इसी बीच राज्य में एथनॉल उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में जहां 37 चीनी मिलों में एथनॉल प्लांट थे और उत्पादन क्षमता लगभग 88 करोड़ लीटर वार्षिक थी,
वहीं वर्तमान में 53 मिलों की क्षमता बढ़कर करीब 258 करोड़ लीटर वार्षिक तक पहुंच गई है और उत्पादन भी 137 करोड़ लीटर के स्तर तक दर्ज किया गया है। इससे गन्ना सेक्टर को नई मजबूती मिली है और किसानों की आय में सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
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