छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 42 IAS अफसरों के तबादले, 7 जिलों में नए कलेक्टर नियुक्त

रायपुर/आदित्य शंकर तिवारी। छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 42 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव से लेकर कलेक्टर स्तर तक कई अहम बदलाव किए गए हैं। सरकार ने प्रशासनिक कसावट, योजनाओं की निगरानी और जमीनी क्रियान्वयन को तेज करने के उद्देश्य से यह बड़ा बदलाव किया है। इस फेरबदल में मुख्यमंत्री सचिवालय, जनसंपर्क, गृह, पंचायत, ऊर्जा और जिला प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नई तैनातियां की गई हैं। खास बात यह रही कि कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर स्वतंत्र जिम्मेदारियां दी गईं, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति लाई जा सके।

CPR में बड़ा बदलाव, रजत बंसल को अहम जिम्मेदारी

IAS रजत बंसल को नया जनसंपर्क आयुक्त (CPR) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव का दायित्व भी संभालेंगे। प्रशासनिक हलकों में रजत बंसल को शांत स्वभाव, बेहतर समन्वय क्षमता और रणनीतिक कार्यशैली वाला अधिकारी माना जाता है। दरअसल, 2016 बैच के IAS अधिकारी रवि मित्तल हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में डिप्टी सेक्रेटरी बनाए गए हैं। रवि मित्तल मुख्यमंत्री सचिवालय में जॉइंट सेक्रेटरी और जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वे सरकार की मीडिया रणनीति और संचार तंत्र में तेजी से स्थापित हो रहे थे। उनके पीएमओ जाने के बाद राज्य सरकार के सामने नया CPR और मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रभावी अधिकारी की तलाश चुनौती बन गई थी। इसी कड़ी में रजत बंसल को यह अहम जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार मीडिया मैनेजमेंट और योजनाओं के प्रचार-प्रसार को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाएगी।

अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर बड़े बदलाव

1994 बैच की वरिष्ठ IAS अधिकारी ऋचा शर्मा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। वे पहले वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग संभाल रही थीं। अब उनके पास विकास आयुक्त और ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत संस्थान के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। ग्रामीण विकास योजनाओं और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें सरकार की मजबूत अधिकारी माना जाता है।
1994 बैच के मनोज कुमार पिंगुआ को गृह एवं जेल विभाग से हटाकर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वे प्रशासनिक सख्ती और तेज निर्णय क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।
1997 बैच के सुबोध कुमार सिंह को ऊर्जा विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। बड़े प्रोजेक्ट्स के प्रबंधन और प्रशासनिक पकड़ के कारण उनकी गिनती प्रभावशाली अधिकारियों में होती है।
वहीं 1997 बैच की निहारिका बारिक को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से हटाकर गृह एवं जेल विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। उन्हें प्रशासनिक समन्वय और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जाना जाता है। इसके अलावा शाहला निगार को महिला एवं बाल विकास विभाग, डॉ. रोहित यादव को वित्त विभाग और कमलप्रीत सिंह को स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। परदेशी सिद्धार्थ कोमल को कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया है।

7 जिलों में नए कलेक्टर, जिलों में नई प्रशासनिक रणनीति

सरकार ने 7 जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति कर जिला प्रशासन में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की है।

  1. कोरिया जिले में 2016 बैच के IAS चंदन संजय त्रिपाठी को नया कलेक्टर बनाया गया है। वे जमीनी प्रशासन और मॉनिटरिंग के लिए जाने जाते हैं।
  2. सूरजपुर में 2019 बैच की IAS रेना जमील को नई कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। युवा अधिकारी के रूप में उनकी पहचान तेज कार्यशैली और बेहतर फील्ड समन्वय के लिए रही है।
  3. बीजापुर में विश्वदीप को नया कलेक्टर बनाया गया है। वे पहले रायपुर नगर निगम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और नगरीय प्रशासन में अच्छी पकड़ रखते हैं।
  4. सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पद्मिनी भोई साहू को कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उन्हें अनुशासित और तेज फैसले लेने वाली अधिकारी माना जाता है।
  5. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में डॉ. संतोष कुमार देवांगन को नया कलेक्टर बनाया गया है। वे शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों में रुचि रखने वाले अधिकारी माने जाते हैं।
  6. मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में संतान देवी जांगड़े को कलेक्टर पदस्थ किया गया है।
  7. वहीं बलरामपुर-रामानुजगंज में भी प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

विकास और निगरानी पर सरकार का फोकस

इस प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रभात मलिक को संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है। उन्हें तेज प्रशासनिक कार्यशैली और बेहतर समन्वय के लिए जाना जाता है। सरकार ने कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर स्वतंत्र जिम्मेदारियां दी हैं, ताकि विभागीय कामकाज में जवाबदेही और गति दोनों बढ़ाई जा सके। पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और गृह विभाग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब योजनाओं की निगरानी और परिणाम आधारित प्रशासन पर ज्यादा फोकस कर रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय की रणनीतिक तैयारी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर जिलों तक प्रशासनिक ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कोशिश दिखाई दे रही है। रवि मित्तल के पीएमओ जाने के बाद बने प्रशासनिक खालीपन को भरने के साथ-साथ सरकार ने अनुभवी अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां देकर प्रशासनिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारियां संभालने वाले अधिकारी योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से उतार पाते हैं।

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Srota Swati Tripathy

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