सिटाडेल 2 रिव्यू: प्रियंका चोपड़ा का दमदार अंदाज, लेकिन कहानी में रह गई कमी

सिटाडेल 2 रिव्यू एक बार फिर दर्शकों के बीच चर्चा में है। लगभग तीन साल बाद लौटी प्रियंका चोपड़ा और रिचर्ड मैडेन की यह स्पाई-थ्रिलर सीरीज बड़े पैमाने, दमदार एक्शन और ग्लैमरस प्रस्तुति के साथ आई है। हालांकि, इस बार शो को लेकर दर्शकों की उम्मीदें पहले सीजन जितनी मजबूत नजर नहीं आ रहीं। सात एपिसोड वाली इस सीरीज में कई ट्विस्ट और बड़े एक्शन सीन देखने को मिलते हैं, लेकिन कहानी कई जगह कमजोर भी महसूस होती है।

ट्विस्ट और एक्शन के बीच उलझी कहानी

सीरीज की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पहला सीजन खत्म हुआ था। इस बार बड़ा खुलासा यह होता है कि मेसन केन यानी काइल ही सिटाडेल का असली गद्दार था। उसने अपनी मां दाहिला के लिए एजेंसी की गुप्त जानकारी लीक की थी। दूसरी तरफ नादिया सिन यानी प्रियंका चोपड़ा अपनी बेटी के साथ सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश करती नजर आती हैं। इसी बीच नया खतरा सामने आता है, जहां पाउल ब्रागा नाम का किरदार दुनिया के लिए बड़ा संकट बनकर उभरता है। सीरीज में हर एपिसोड के साथ नए ट्विस्ट जोड़े गए हैं, जो शुरुआत में उत्सुकता बनाए रखते हैं। लेकिन लगातार फ्लैशबैक, अलग-अलग देशों की लोकेशन और समय के बदलाव दर्शकों को कई जगह भ्रमित कर देते हैं। स्पाई-थ्रिलर शैली पसंद करने वाले दर्शकों को कुछ हिस्से जरूर पसंद आ सकते हैं, लेकिन कहानी की गति कई बार धीमी पड़ जाती है। यही वजह है कि कुछ एपिसोड जरूरत से ज्यादा लंबे महसूस होते हैं।

प्रियंका चोपड़ा बनीं सीरीज की सबसे बड़ी ताकत

अगर इस सीरीज की सबसे मजबूत कड़ी की बात करें तो वह प्रियंका चोपड़ा का प्रदर्शन है। उन्होंने नादिया सिन के किरदार को पूरी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ निभाया है। एक्शन सीन से लेकर भावनात्मक दृश्यों तक, प्रियंका हर जगह प्रभाव छोड़ती हैं। रिचर्ड मैडेन ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है, लेकिन इस बार स्क्रीन पर प्रियंका ज्यादा प्रभावशाली नजर आती हैं। वहीं गैब्रियल लियोन ने खलनायक के रूप में अच्छा काम किया है, हालांकि उनका किरदार कुछ जगह पहले देखे गए स्पाई विलेन जैसा महसूस होता है। सीरीज का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विजुअल स्केल और सिनेमेटोग्राफी है। विदेशी लोकेशंस, स्टाइलिश कैमरा वर्क और बड़े सेट शो को शानदार लुक देते हैं। बैकग्राउंड संगीत भी कई दृश्यों में रोमांच पैदा करता है। हालांकि, कमजोर पटकथा और साधारण लेखन पूरी सीरीज को उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचा पाते, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। कई एक्शन दृश्य दोहराव वाले लगते हैं और कहानी में नया पन कम दिखाई देता है।

सिटाडेल का दूसरा सीजन ग्लैमर, एक्शन और बड़े स्तर की प्रस्तुति से प्रभावित जरूर करता है, लेकिन मजबूत कहानी की कमी साफ नजर आती है। प्रियंका चोपड़ा ने अपने अभिनय से सीरीज को संभालने की पूरी कोशिश की है। अगर आप स्पाई-थ्रिलर और प्रियंका चोपड़ा के प्रशंसक हैं, तो यह सीरीज एक बार देखी जा सकती है।

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