
रायसेन: प्रदेश के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार ने रायसेन स्थित ऐतिहासिक पूरन तालाब पर आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मिलकर श्रमदान किया और तालाब की साफ-सफाई की।
आने वाली पीढ़ी के लिए जल संरक्षण अनिवार्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री पंवार ने कहा कि पानी प्रकृति का अनमोल वरदान है और भविष्य की पीढ़ी के लिए इसे बचाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू किए गए इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान जल स्रोतों के संरक्षण और वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने का संकल्प है। यह अभियान गुड़ी पड़वा से शुरू होकर 30 जून तक निरंतर जारी रहेगा।
प्राचीन जल संरचनाओं का पुनरुद्धार
मंत्री श्री पंवार ने वर्तमान जल संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमें प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों को आधुनिक विज्ञान की मदद से पुनर्जीवित और मजबूत करना होगा। उन्होंने प्रकृति संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, पार्कों की स्थापना करने और जल संरचनाओं को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने शासकीय और निजी भवनों में ‘वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम’ को अनिवार्य बताया।
तालाब की हुई पिचिंग और बाउंड्रीवॉल का निर्माण
सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से प्राचीन जल स्रोतों को नया जीवन दिया जा रहा है। पूरन तालाब में अभियान के तहत पिचिंग और बाउंड्रीवॉल निर्माण जैसे कार्य किए गए हैं। सामूहिक श्रमदान के जरिए जल स्रोतों की सफाई के साथ-साथ सोख पिटों का निर्माण भी किया जा रहा है।
इस अवसर पर भोजपुर विधायक श्री सुरेंद्र पटवा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री यशवंत मीणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रामपाल सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता सेन, कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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