
जावरा/आशीष शर्मा: जावरा की पावन भूमि पर गुरु भक्ति, सेवा, समर्पण और समता की भावना के साथ गुरु कस्तुर पावन धाम के लोकार्पण अवसर पर भव्य धर्मसभा का आयोजन किया गया। बी एल एम पैलेस में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी महाराज ने गुरु भक्ति और समाज में सेवा भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जावरा की श्रावक-श्राविका समाज में गुरु के प्रति गहरी आस्था और समर्पण देखने को मिलता है, जो एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी महाराज ने दया, धर्म और दान को जीवन का मूल आधार बताते हुए कहा कि गुरु भक्ति और स्वाध्याय के माध्यम से ही जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है। उन्होंने आगम ज्ञान और अनुशासन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
उपप्रवर्तक श्री चंद्रेश मुनि जी महाराज ने जीवन के सत्य और कर्म सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवात्मा अपने कर्मों का लेखा-जोखा लेकर ही आगे बढ़ती है और गुरु का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है।
इस अवसर पर महासती डॉ. कुमुदलता जी महाराज ने मंत्रों की ऊर्जा और गुरु कृपा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद सभी बाधाओं को दूर करने की शक्ति रखता है। वहीं डॉ. महाप्रज्ञा जी महाराज ने स्तवन के माध्यम से गुरु महिमा का गुणगान किया।
कार्यक्रम में 17 मई रविवार को आयोजित नवकारसी, मंगल प्रवेश चल समारोह, नव निर्मित स्मारक एवं भवन लोकार्पण तथा धर्मसभा जैसे विभिन्न आयोजनों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं एवं समाजजन उपस्थित रहे और गुरु भक्ति में लीन होकर आयोजन को सफल बनाया।
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