
बलिया/अकील सिद्दीकी: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच है। इस मामले की पड़ताल कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI की दो सदस्यीय टीम जांच के सिलसिले में बलिया पहुंचकर आरोपी राज सिंह के परिवार से पूछताछ की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज जब्त किए। राज सिंह की बहन ने सुरक्षा की मांग की है। मामले में सीबीआई ने एसआईटी गठित कर जांच तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई टीम गुरुवार को अचानक बलिया पहुँची और शुक्रवार रात तक जिले में मौजूद रही। इस दौरान टीम ने आरोपी राज सिंह के परिजनों सहित करीब दस लोगों से पूछताछ की। जांच एजेंसी ने कई स्थानों के ‘सीसीटीवी फुटेज’ अपने कब्जे में लिए तथा आरोपी के आर्थिक स्रोत, राजनीतिक संपर्कों और कथित आपराधिक संबंधों की भी जानकारी जुटाई।
आरोपी परिजनों से कई चरणों में पूछताछ
सीबीआई टीम ने बलिया शहर कोतवाली परिसर में राज सिंह की मां जामवंती सिंह और उसके भाई से कई चरणों में पूछताछ की। जांच एजेंसी ने राज सिंह के घर के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ उन दुकानों और शोरूमों के फुटेज भी कब्जे में लिए, जहाँ कथित रूप से उसने घटना की तारीख के आसपास खरीदारी की थी। सूत्रों के अनुसार टीम ने आरोपी के बैंक खातों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियाँ भी खंगाली हैं।
परिवार ने जांच में सहयोग की बात कही
राज सिंह की बहन दीप शिखा सिंह ने बताया कि परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और उन्हें सीबीआई की निष्पक्ष जांच पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि जांच टीम ने घर के सीसीटीवी फुटेज, कपड़े के शोरूम के फुटेज तथा अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। उन्होंने अपने भाई की सुरक्षा की मांग भी उठाई। राज सिंह की मां जामवंती सिंह, जो वर्तमान में रसड़ा डाकघर में कार्यरत हैं, ने दावा किया कि उनका बेटा निर्दोष है। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान उनका बेटा उनके साथ था।
मां ने बताई पूरी घटनाक्रम की कहानी
जामवंती सिंह के अनुसार 7 मई को वह अपने बेटे राज सिंह, उसके मित्र मोनू सिंह, वाहन चालक और एक फोटोग्राफर के साथ लखनऊ गई थीं। उनका कहना है कि वे विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। उन्होंने बताया कि 8 मई को लौटते समय वे अंबेडकर नगर जिले स्थित एक दरगाह-मजार पर दर्शन करने गए और वहीं एक होटल में रुके। अगले दिन 9 मई की सुबह मजार पर दर्शन के बाद वे अयोध्या गए, जहाँ दर्शन-पूजन के बाद एक ढाबे पर भोजन किया।
उनका आरोप है कि ढाबे से निकलते समय ‘एसओजी’ टीम ने उनके वाहन को रोक लिया और उन्हें तथा उनके बेटे को हिरासत में ले लिया। उन्होंने दावा किया कि बाद में राज सिंह को कोलकाता ले जाया गया। जामवंती सिंह ने यह भी कहा कि उनके पास घर, जिम और बाजार के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, जिनसे यह साबित किया जा सकता है कि उनका बेटा घटना से पहले बलिया में ही था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार का कोलकाता से कोई संबंध नहीं है।
पहले से दर्ज है हत्या का मामला
राज सिंह के खिलाफ बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र में पहले से एक हत्या का मामला दर्ज है। वर्ष 2020 में आनंद नगर मोहल्ले में दिव्यांग अंडा व्यापारी अजीत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में पुलिस और एसओजी ने राज सिंह तथा उसके एक सहयोगी गोविंदा सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस समय उनके पास से अवैध पिस्टल, देशी तमंचा और कारतूस बरामद करने का दावा किया था।
जांच के दायरे में सोशल मीडिया प्रोफाइल भी
जांच के दौरान राज सिंह की सोशल मीडिया गतिविधियाँ भी चर्चा में हैं। उसने Facebook पर ‘ठाकुर राज सिंह’ नाम से प्रोफाइल बना रखी है, जिसमें उसने कई राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। उसने स्वयं को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश का महासचिव और चिलकहर ब्लॉक का संभावित ब्लॉक प्रमुख भी बताया है।
सोशल मीडिया पोस्टों में वह वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बलिया से भाजपा प्रत्याशी रहे नीरज शेखर के समर्थन में प्रचार करता दिखाई दे रहा है। इसके अलावा उसने भाजपा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह तथा बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार सहित कई नेताओं के साथ तस्वीरें साझा की हैं।
सीबीआई जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल सीबीआई मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। एजेंसी तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, यात्रा विवरण और आर्थिक गतिविधियों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास कर रही है। मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक चर्चाओं के कारण अब सबकी निगाहें सीबीआई की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
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