नई दिल्ली: नीट यूजी परीक्षा 2026 में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को बड़ी कामयाबी मिली है। गुरुवार को राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को सात दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों के पास से वॉट्सऐप और टेलीग्राम चैट के जरिए ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं, जिनसे साफ होता है कि परीक्षा में पूछे गए करीब 100 सवाल पहले ही लीक कर दिए गए थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अभ्यर्थियों को न केवल प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए, बल्कि उनके साथ उत्तर कुंजी भी मुहैया कराई थी ताकि वे सही जवाबों को याद कर सकें।
ये भी पढ़े – NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द: पेपर लीक के आरोपों के बाद सरकार का बड़ा फैसला, अब CBI करेगी पूरे मामले की जांच
सीबीआई ने कोर्ट में क्या दलील दी
सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि यह एक बेहद सुनियोजित और व्यापक साजिश है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों, सार्वजनिक सेवकों और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोगों के शामिल होने की प्रबल संभावना है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों का मुख्य उद्देश्य फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर लीक कर अभ्यर्थियों को जयपुर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने में मदद करना था। जांच के दौरान आरोपी यश यादव के पास से बरामद मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिससे पता चला है कि उसे शुभम नामक अन्य आरोपी ने टेलीग्राम के माध्यम से पेपर भेजे थे।
कोर्ट ने पांचों आरोपियों को सीबीआई कस्टडी में भेजा
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करते हुए गिरफ्तारी को अवैध बताया और तर्क दिया कि उनके मुवक्किलों को गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट नहीं किए गए थे। हालांकि, कोर्ट ने सीबीआई की मांग को जायज मानते हुए आरोपियों को रिमांड पर सौंप दिया और साथ ही एजेंसी को यह निर्देश भी दिया कि आरोपियों को एफआईआर की कॉपी उपलब्ध कराई जाए। सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि गिरफ्तारी अवैध है और गिरफ्तारी के समय आरोपियों को ग्राउंड ऑफ अरेस्ट नहीं बताया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पांचों आरोपियों को सात दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया
- neet-ug-2026-paper-leak-cbi-gets-7-day-custody-of-5-accused







