धार/कुक्षी में अवैध कॉलोनियों पर सवाल, अर्जुन गणेश विहार सहित कई कॉलोनियों की जांच की मांग

कुक्षी नगर में अवैध कॉलोनियों का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। क्षेत्र के कई नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि नगर में वर्षों से अवैध प्लाटिंग और कॉलोनी विकास का काम खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय मौन बने हुए हैं। आरोप यह भी है कि राजस्व विभाग और नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कुक्षी नगर क्षेत्र में कई कॉलोनियां बिना वैधानिक अनुमति और नियमों का पालन किए विकसित की गई हैं। इनमें सड़क सीमा, विकास शुल्क, डायवर्शन और नक्शा स्वीकृति जैसे नियमों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

पूर्व एसडीएम के आदेश के बावजूद जांच अधूरी

जानकारी के अनुसार पूर्व में कुक्षी में पदस्थ रहे एसडीएम प्रमोद गुर्जर द्वारा अवैध कॉलोनियों की नपती और जांच के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद संबंधित विभागों को कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए थे। हालांकि करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कई मामलों में जांच पूरी नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच समय पर पूरी होती तो अवैध कॉलोनियों से विकास शुल्क, राजस्व कर और नगर पालिका टैक्स के रूप में शासन को बड़ी राशि प्राप्त हो सकती थी। लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों और कॉलोनाइजरों की मिलीभगत के कारण कार्रवाई लंबित रखी गई।

अर्जुन गणेश विहार कॉलोनी पर उठे सवाल

बड़ौदा-गुजरात रोड स्थित अर्जुन गणेश विहार कॉलोनी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कॉलोनी निर्माण और प्लाटिंग के दौरान पीडब्ल्यूडी एवं एमपीआरडीसी के सड़क सीमा नियमों का पालन नहीं किया गया। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि स्टेट हाईवे की सेंटर लाइन से निर्धारित दूरी छोड़ने के बजाय सड़क सीमा के नजदीक तक निर्माण और बाउंड्रीवाल बनाई गई है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि भविष्य में सड़क चौड़ीकरण या सरकारी परियोजना के लिए भूमि की आवश्यकता पड़ी तो प्लाट खरीददारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई लोगों ने प्रशासन से सड़क सीमा की दोबारा नपती कराने की मांग की है।

प्लाट खरीददारों को सावधानी बरतने की सलाह

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्लाट खरीददारों से जमीन खरीदने से पहले राजस्व रिकॉर्ड, स्वीकृत नक्शा, डायवर्शन और रोड सीमा संबंधी दस्तावेजों की जांच करने की अपील की है। उनका कहना है कि कई लोग पूरी जानकारी के अभाव में प्लाट खरीद लेते हैं, जिससे बाद में विवाद और आर्थिक नुकसान की स्थिति बनती है।

मध्यप्रदेश में पहले भी हो चुकी कार्रवाई

मध्यप्रदेश में अवैध कॉलोनियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें अवैध कॉलोनियों को चिन्हित कर कार्रवाई और राजस्व वसूली की बात कही गई थी। प्रदेश के कई जिलों में कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर और वसूली की कार्रवाई भी हुई, लेकिन कुक्षी क्षेत्र में अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

ये भी पढ़े – कुक्षी में दर्दनाक सड़क हादसा, मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 2 बच्चों की मौत, 11 घायल

 

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    Rashel Kachwah Rajput

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