
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ विधायक Sanjay Pathak से जुड़े मानहानि प्रकरण में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामला एक आर्म्स डीलर द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसे सार्वजनिक रूप से अवैध हथियार बेचने वाला बताकर उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया गया।
याचिकाकर्ता का दावा है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और इससे उसकी सामाजिक तथा व्यावसायिक छवि को गंभीर क्षति पहुंची है। याचिका में कहा गया है कि बिना पर्याप्त साक्ष्यों के लगाए गए आरोपों ने उसे आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित किया है। इसी आधार पर हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि संबंधित आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य और दस्तावेज मौजूद हैं तथा किन परिस्थितियों में ऐसे बयान दिए गए थे। अदालत के नोटिस के बाद अब सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली सुनवाई में सरकार के जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के नोटिस के बाद सभी की नजर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
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