अल नीनो की आहट के बीच प्यास से जूझता बुरहानपुर, पहाड़ों से पानी ढोने को मजबूर ग्रामीण, शहर में फूटा आक्रोश

बुरहानपुर स्पेशल न्यूज: जिले में बढ़ती गर्मी और अल नीनो की आशंकाओं के बीच जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। आदिवासी अंचलों से लेकर शहर के वार्डों तक लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नेपानगर क्षेत्र के नादियामाल, तुकईथड़, चिंचाला और एमागिर्द जैसे गांवों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं, जहां ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर पहाड़ी रास्तों से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं शहर में भी पानी की किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

ग्राम पंचायत बाकड़ी के अंतर्गत आने वाले नादियामाल गांव में करीब 250 परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं। गांव की महिलाएं और बच्चे रोजाना खतरनाक पहाड़ी रास्तों से सिर पर मटके रखकर पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार घंटों भटकने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। बरसात के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है, क्योंकि रास्तों में फिसलन और उफनते नाले जान जोखिम में डाल देते हैं।

तुकईथड़, चिंचाला और एमागिर्द क्षेत्रों में सरकार की हर घर नल-जल योजना भी सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर पाइपलाइन और नल तो लगा दिए गए, लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। पिछले एक महीने से लोग पानी के लिए परेशान हैं और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने पर भी समाधान नहीं हुआ और शिकायत बंद कराने का दबाव बनाया जा रहा है। अब ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

जल संकट का असर अब बुरहानपुर शहर में भी साफ दिखाई देने लगा है। कई वार्डों में लोग टैंकरों के भरोसे हैं। महिलाएं घंटों खाली बर्तन लेकर पानी का इंतजार कर रही हैं, जबकि कुछ इलाकों में रातभर लाइन लगाकर पानी भरना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय के सामने मटका फोड़ प्रदर्शन किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि पुरानी जल वितरण व्यवस्था बंद कर दी गई, लेकिन नई जलावर्धन योजना अभी तक प्रभावी साबित नहीं हो सकी है।

नेता प्रतिपक्ष अकील औलिया ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों के भीतर हालात नहीं सुधरे तो शहर बंद आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर प्रशासन और नगर निगम का कहना है कि बैतूल क्षेत्र से पानी छोड़ने की प्रक्रिया जारी है और जल्द सप्लाई सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि जमीनी हालात प्रशासनिक दावों से अलग दिखाई दे रहे हैं।

जल संकट के बीच आदिवासी अंचलों में पारंपरिक मान्यताएं भी देखने को मिल रही हैं। दुदबोली अमावस्या के बाद बच्चे हरे पत्तों से सजकर टोकरी में मेढ़क रख गांव-गांव घूमते नजर आए और अच्छी बारिश के लिए इंद्र देव से प्रार्थना करते दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि पानी अब केवल जरूरत नहीं बल्कि जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष बन चुका है। बढ़ती गर्मी, कमजोर जल व्यवस्थाएं और अल नीनो की संभावित चुनौती ने बुरहानपुर में हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और आने वाले मानसून पर टिकी हुई है।

ये भी पढ़े – बुरहानपुर की बेटी अरुणा तायड़े बनीं पुलिस कांस्टेबल, गरीबी को मात देकर हासिल की सफलता

 
 
  • burhanpur-water-crisis-el-nino-alert-villagers-protest-news
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, मुख्यमंत्री बोले- इसी सत्र में होगा पारित

    मध्य प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ईरान जंग ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर डाला भारी बोझ, हर मिनट करोड़ों रुपये का खर्च

    ईरान जंग ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर डाला भारी बोझ, हर मिनट करोड़ों रुपये का खर्च

    अलर्ट! ChatGPT पर दिख रहे फर्जी शॉपिंग लिंक, AI पॉइजनिंग का बढ़ता खतरा

    अलर्ट! ChatGPT पर दिख रहे फर्जी शॉपिंग लिंक, AI पॉइजनिंग का बढ़ता खतरा

    विकास परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई पर सख्ती, हाईकोर्ट में पेश हुई नई नीति

    विकास परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई पर सख्ती, हाईकोर्ट में पेश हुई नई नीति

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

    यशस्वी जायसवाल सस्ते में लौटे, दूसरे वनडे में भारत को पहला झटका

    यशस्वी जायसवाल सस्ते में लौटे, दूसरे वनडे में भारत को पहला झटका