
सीहोर/नफीस खान की खास रिपोर्ट : मध्य प्रदेश के सीहोर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की एक बेहद गंभीर और डराने वाली लापरवाही सामने आई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच अस्पताल में घंटों तक बिजली गुल रहने और बैकअप की कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों का बुरा हाल है। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में देखने को मिली, जहां बिजली कटने से ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए नवजात शिशुओं की जान पर संकट मंडरा रहा है। इस गंभीर अव्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने अस्पताल प्रबंधन, जिला प्रशासन और बिजली विभाग को आड़े हाथों लिया है।
“जनरेटर गर्म हो जाता है…” कहकर पल्ला झाड़ रहा अस्पताल स्टाफ
जिला अस्पताल की बदहाली की सूचना मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने अपनी टीम के साथ अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में की जा रही अघोषित बिजली कटौती के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों की मुश्किलें बेहिसाब बढ़ गई हैं। सुबह से ही दो-दो घंटे तक लगातार बिजली गायब रहती है। जब परेशान मरीज और उनके परिजन अस्पताल के स्टाफ से जनरेटर चालू करने की मिन्नतें करते हैं, तो उन्हें यह गैर-जिम्मेदाराना जवाब मिलता है कि जनरेटर ज्यादा देर तक चलने पर गर्म हो जाता है, इसलिए उसे लगातार नहीं चलाया जा सकता।
ऑक्सीजन सपोर्ट पर मासूम, मौके से गायब रहे जिम्मेदार अधिकारी
राजीव गुजराती ने अस्पताल की इस चूक को जानलेवा बताते हुए कहा कि SNCU वार्ड में कई नवजात बच्चे इस वक्त जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं और ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। ऐसे में बार-बार बिजली गुल होने की वजह से ये मासूम बच्चे केवल कुछ समय के बैकअप और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के भरोसे रह जाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतनी संवेदनशील और गंभीर स्थिति होने के बावजूद अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार आला अधिकारी मौके का जायजा लेने या व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने नहीं पहुंचा, जो कि प्रशासनिक उदासीनता की पराकाष्ठा है।
भीषण गर्मी में मरीज बेहाल, बिजली के साथ सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त
अस्पताल के अलग-अलग वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने भी अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और उमस के बीच घंटों तक पंखे और कूलर बंद रहते हैं, जिससे वार्ड तंदूर की तरह तपने लगते हैं। इसके अलावा अस्पताल परिसर में केवल बिजली ही नहीं, बल्कि साफ-सफाई की व्यवस्था भी पूरी तरह पटरी से उतरी हुई है। जगह-जगह फैली गंदगी और अव्यवस्था के कारण मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
व्यवस्था नहीं सुधरी तो सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
अस्पताल प्रबंधन को अल्टीमेटम देते हुए राजीव गुजराती ने कहा कि जिला अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति और मजबूत पावर बैकअप होना अनिवार्य है। उन्होंने जिला प्रशासन और विद्युत मंडल से मांग की है कि अस्पताल के जनरेटर और बिजली सप्लाई की व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। कांग्रेस नेता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इन खामियों को दूर कर मरीजों को राहत नहीं दी गई, तो कांग्रेस पार्टी जनता के हक और स्वास्थ्य के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी।
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