
ईमानदार कप्तानी पर मातहतों का प्रहार; फर्जी आवेदनों के नाम पर निर्दोषों से करोड़ों की उगाही का सनसनीखेज आरोप, क्या डीजीपी लेंगे एक्शन?
विशेष संवाददाता, कटनी।
मध्य प्रदेश के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री कैलाश मकवाना और कटनी के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अभिनव विश्वकर्मा। ये दो ऐसे नाम हैं जिन्हें सूबे में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और एक साफ-सुथरी एवं ईमानदार छवि के लिए जाना जाता है। कटनी के नवागत एसपी अभिनव विश्वकर्मा तो कानून व्यवस्था के ऐसे माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं जो जिले को हर प्रकार के अपराध और गंदगी से मुक्त करने के अभियान में दिन-रात जुटे हुए हैं। लेकिन, जब नीयत साफ हो और नीचे का अमला ही दागदार हो जाए, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।
ताजा मामला कटनी जिले का है, जहाँ एसपी साहब की अपराध-विरोधी मुहिम को उनके ही कुछ मातहत अधिकारी अपनी जेबें गर्म करने का जरिया बना चुके हैं।
हाल ही में कटनी एसपी अभिनव विश्वकर्मा के निर्देशन में पुलिस ने सटोरियों के एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई की जनता ने जमकर सराहना की। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू बेहद डरावना और चौंकाने वाला है। विश्वसनीय सूत्रों और पीड़ित पक्षों से मिल रही खबरों के मुताबिक, इस कार्रवाई की आड़ में नीचे के कुछ पुलिस अधिकारियों ने ‘अवैध वसूली’ का एक नया और संगठित तरीका ढूंढ निकाला है।
इस पूरे नेक्सस में कई शातिर अपराधी तो सलाखों के पीछे पहुंचे हैं, लेकिन खेल तब शुरू हुआ जब उन लोगों को निशाना बनाया जाने लगा जिनका इस सट्टा कारोबार से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है।
आरोप है कि निचले स्तर के कुछ पुलिस अधिकारी निर्दोष लोगों के नाम पर फर्जी आवेदन लिखवा रहे हैं। इसके बाद उन संभ्रांत और बेकसूर नागरिकों को थाने बुलाकर या फोन पर डराया-धमकाया जा रहा है। उन्हें जेल भेजने और छवि खराब करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
एक तरफ जहां एसपी अभिनव विश्वकर्मा जनता के हितों की रक्षा और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पसीना बहा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारी इस पूरी मुहिम को बदनाम कर अपनी तिजोरियां भरने में लगे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है:
- क्या मध्य प्रदेश के डीजीपी श्री कैलाश मकवाना और कटनी एसपी की अपने मातहत कर्मचारियों पर पकड़ ढीली हो चुकी है?
- क्या इन शीर्ष अधिकारियों की बेदाग और स्वच्छ छवि पर ये छोटे अधिकारी मिलकर कालिख पोतने का काम कर रहे हैं?
यह कटनी के जागरूक नागरिकों और पीड़ितों के बीच एक बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। जनता को अपने कप्तान पर पूरा भरोसा है, लेकिन कप्तान के पीछे चल रहे इस ‘वसूली तंत्र’ ने लोगों के भरोसे को हिलाकर रख दिया है।
देखना अब यह होगा कि उन निर्दोष लोगों की चीखें भोपाल में बैठे डीजीपी कैलाश मकवाना और कटनी के ईमानदार एसपी अभिनव विश्वकर्मा तक कब पहुंचती हैं। जिन अधिकारियों ने खाकी को दागदार कर निर्दोषों से पैसे वसूले हैं, उन पर क्या सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाती है?
इस मामले में होने वाली कार्रवाई ही यह तय करेगी कि मध्य प्रदेश पुलिस का इकबाल बुलंद रहता है या फिर इन भ्रष्ट अधिकारियों के हौसले और बुलंद हो जाएंगे। पूरे प्रदेश की नजरें अब कटनी पुलिस और पुलिस मुख्यालय (PHQ) के अगले कदम पर टिकी हैं।
ब्रांडवाणी समाचार ब्यूरो, कटनी








