
बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में 392 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए विपक्ष और माफिया तंत्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब जनता अच्छे जनप्रतिनिधियों का चुनाव करे। यदि माफिया को चुनकर भेजा जाएगा तो वह गरीबों का खून चूसने का काम करेगा, जबकि ईमानदार और विकासोन्मुख नेतृत्व क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यनगर बिलोहा में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से विकास कार्य कर रही है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और गरीबों के लिए योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं और आज उत्तर प्रदेश का हर जिला विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, अपराध और माफिया राज से होती थी। बलरामपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में त्योहारों के दौरान तनाव और हिंसा की घटनाएं आम थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें स्वयं गोरखपुर से आकर लोगों की मदद करनी पड़ती थी, लेकिन आज प्रदेश के 75 जिले, 350 तहसीलें और 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें दंगामुक्त हैं। कानून व्यवस्था मजबूत होने से विकास का वातावरण बना है और प्रदेश नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले गरीबों का राशन बीच में ही गायब हो जाता था और माफिया तथा भ्रष्ट तंत्र उसका लाभ उठा लेते थे, लेकिन अब डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शिता के कारण हर पात्र व्यक्ति तक मुफ्त राशन पहुंच रहा है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश देते हुए कहा कि प्रदेश में किसी भी बेटी, व्यापारी या आम नागरिक की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि अपराध और अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। इसी सुरक्षित वातावरण का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है और बड़े उद्योग राज्य में निवेश कर रहे हैं।
उन्होंने बलरामपुर जिले की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी यह जिला नीति आयोग की सूची में देश के सबसे पिछड़े आकांक्षी जिलों में शामिल था, लेकिन आज तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने यहां सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक कार्य किए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, थारू संग्रहालय, सरयू राष्ट्रीय परियोजना और हर घर नल जैसी योजनाएं इसका प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनटांगिया गांवों के लोगों को भूमि अधिकार और आवास देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन दिया गया है। आज इन गांवों में सड़क, बिजली, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष सर्वाधिक छात्र नामांकन बलरामपुर जिले में हुआ है, जो शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो इसकी भारी कीमत आने वाली पीढ़ियों को चुकानी पड़ेगी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनता से अच्छे प्रतिनिधियों को चुनने की अपील करते हुए कहा कि जहां ईमानदार और विकासोन्मुख नेतृत्व होता है, वहां विकास की धारा स्वतः बहने लगती है। उन्होंने बलरामपुर की जनता को विकास कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के हर जिले को विकास का मॉडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 89 परियोजनाओं का लोकार्पण और 37 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 392.25 करोड़ रुपये है, जिसमें 301.50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 90.75 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।
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