हॉस्टल की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरे NSUI छात्र, सांसद को ज्ञापन देने से पहले पुलिस ने रोका

रीवा/अरविंद तिवारी। रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) छात्रावास की समस्याओं को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। जर्जर भवन, पेयजल संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान छात्र सांसद जनार्दन मिश्रा को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
छात्रों का कहना है कि लंबे समय से हॉस्टल की स्थिति खराब बनी हुई है। भवन जर्जर हो चुका है और कई कमरों में रहने वाले छात्रों को सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा पेयजल संकट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से छात्रों की परेशानी बढ़ गई है।

सांसद को ज्ञापन देने निकले छात्रों को पुलिस ने रोका

NSUI कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में छात्र अपनी मांगों को लेकर सांसद जनार्दन मिश्रा को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। बाद में छात्रों ने पुलिस अधिकारियों को ही ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया का दिया हवाला

मामले में तहसीलदार यतीश शुक्ला ने बताया कि छात्रावास के रखरखाव और मरम्मत कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि 15 जून तक टेंडर जमा किए जाएंगे, जिसके बाद नियमानुसार मेंटेनेंस कार्य शुरू कराया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि छात्रावास की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू होगा।

छात्रों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

NSUI कार्यकर्ता अवधेश मिश्रा ने कहा कि यदि तय समय में हॉस्टल की मरम्मत और अन्य सुविधाओं से जुड़ा काम शुरू नहीं किया गया तो छात्र संगठन उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। छात्रों ने मांग की है कि भवन की मरम्मत के साथ-साथ पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए। वहीं CSP रितु उपाध्याय ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था और छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की गई है।

SC/ST छात्रावास की बदहाल स्थिति को लेकर छात्रों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। प्रशासन जहां टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुधार कार्य शुरू करने की बात कह रहा है, वहीं छात्र तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि 15 जून के बाद मरम्मत कार्य कितनी तेजी से शुरू होता है और छात्रों की समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।

यह भी पढ़े: छतरपुर पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, वैज्ञानिक जांच को मिलेगी नई ताकत

  • NSUI students took to streets to protest poor condition of the hostel stopped by police before submit memorandum to MP
Srota Swati Tripathy

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