
रीवा/अरविंद तिवारी की रिपोर्ट: त्योंथर तहसील अंतर्गत बरेठी कला गांव में संचालित एक राइस मिल ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। गांव के लोगों का आरोप है कि मिल से निकलने वाला धुआं, धूल और प्रदूषण उनके स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी है, जबकि घरों, आंगनों और पेयजल स्रोतों तक पर धूल की मोटी परत जम रही है। हाल ही में आई तेज आंधी के दौरान राइस मिल परिसर की टीन चादरें उड़कर गांव में जा गिरीं, जिससे कई घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। लगातार बढ़ रही समस्याओं से नाराज ग्रामीण अब चाकघाट थाने पहुंच गए हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। बरेठी कला गांव में स्थित राइस मिल से निकलने वाला धुआं और उड़ने वाली धूल ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मिल की चिमनी से लगातार निकल रहा धुआं पूरे गांव में फैल जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। कई लोगों ने आंखों में जलन, खांसी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत भी की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि मिल से उड़ने वाली धूल केवल हवा को ही प्रदूषित नहीं कर रही, बल्कि घरों के अंदर रखे सामान, खाद्यान्न और पेयजल स्रोतों तक को प्रभावित कर रही है। गांव की महिलाओं का कहना है कि रोजाना सफाई करने के बावजूद कुछ ही घंटों में धूल की परत फिर जम जाती है। वहीं हाल ही में आई तेज आंधी के दौरान राइस मिल परिसर की टीन चादरें उड़कर गांव में जा गिरीं, जिससे कई मकानों की छतें क्षतिग्रस्त हुईं और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

लगातार बढ़ रही परेशानी से तंग आकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से चाकघाट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राइस मिल की जांच कराने, प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन सुनिश्चित करने और हुए नुकसान का आकलन कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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