
ब्रांडवाणी समाचार का बड़ा खुलासा बंद पड़े अस्पताल के नाम पर वल्लभ भवन से जारी हुआ सरकारी अनुदान, सीबीआई (CBI), लोकायुक्त, ईडी (ED) और ईओडब्ल्यू (EOW) के सामने साक्ष्यों के साथ खुली चुनौती?
नमस्कार, आप देख रहे हैं ब्रांडवाणी समाचार।
क्या देश की बड़ी और रसूखदार जांच एजेंसियां—चाहे वह सीबीआई हो, लोकायुक्त हो, ईडी हो या फिर ईओडब्ल्यू हो—केवल चुनिंदा और बड़े उद्योगपतियों के मामलों में ही अपनी सक्रियता दिखाएंगी? या फिर देश की गरीब जनता के टैक्स के पैसे पर डाका डालने वाले इन सफेदपोश डॉक्टरों और फर्जी अस्पताल संचालकों के गिरेबान तक भी उनके हाथ पहुंचेंगे?
मध्य प्रदेश के भोपाल, गुना, राजगढ़ और विदिशा जिलों को हिलाकर रख देने वाले एक ऐसे ही महाघोटाले का भंडाफोड़ हुआ है. गुना जिले के मकसूदनगढ़ में संचालित ‘भोपाल सिटी हॉस्पिटल’ (जिसका नाम बदलकर अब स्वास्तिक मल्टीकेयर हॉस्पिटल कर दिया गया है) के डॉक्टरों और संचालकों ने मिलकर मध्य प्रदेश के ‘वल्लभ भवन’ (मंत्रालय) की नाक के नीचे से मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राहत कोष की लाखों-करोड़ों रुपए की राशि फर्जी दस्तावेज लगाकर निकाल ली.
इस काले खेल में डॉक्टर अरविंद कुमार यादव मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राहत कोष के अधिकारी कि मिलीभगत से, डॉ. ब्रजेंद्र सिंह रघुवंशी, अस्पताल के डायरेक्टर मृदुल सक्सेना, शुभम पाल और विभागीय अधिकारियों की एक ऐसी सांठगांठ सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है. चौकाने वाली बात यह है कि जिन मरीजों को कभी इस अस्पताल का रास्ता तक नहीं मालूम था, उन्हें गंभीर बीमारियां दिखाकर लाखों रुपए के फर्जी प्रकलन (Estimates) तैयार किए गए और वल्लभ भवन से राशि सीधे इंडसइंड बैंक, गुलमोहर शाखा के खाता क्रमांक 257555070700 (IFSC: INDB0001436) में ट्रांसफर करवा ली गई.
विधानसभा में खुद सरकार ने इस बात को लिखित में स्वीकार किया है कि जब जांच दल मौके पर पहुंचा, तो वहां कोई अस्पताल सुचारू रूप से अस्तित्व में था ही नहीं. आइए आपको दिखाते हैं साक्ष्यों के साथ उन डमी और फर्जी मामलों की पूरी सूची, जिसके आधार पर इस पूरे गिरोह ने सरकारी खजाने को चूना लगाया।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा वल्लभ भवन से राशि स्वीकृत कराने के लिए उपयोग की गई सूची और उनकी हकीकत इस प्रकार है:
| क्र.सं. | मरीज का नाम (Aadhaar/कागजों के अनुसार) | दिखाई गई बीमारी / उपचार | स्वीकृत/प्रकलित राशि (₹) | साक्ष्य और वास्तविक स्थिति |
| 1. | आशीष भील (पुत्र: जगनारायण भील) | RTA हेड इंजरी एवं उल्ना फ्रैक्चर | 95,000/- | कागजों पर भर्ती तिथि 02/01/2025 दिखाई गई । |
| 2. | ममता बाई भील (उम्र: 20 वर्ष) | न्यूमोनाइटिस और प्लूरल एफ्यूजन | 75,000/- | विदिशा कलेक्टर आईडी से भुगतान की सफलता (13/05/2025) । |
| 3. | अमर सिंह प्रजापति (उम्र: 45 वर्ष) | सीवियर एनीमिया और ओपन हेमोराइड्स | 1,05,000/- | फर्जी प्रकलन संख्या NH/8042 के तहत आवेदन । |
| 4. | प्रवेश मीणा (पुत्र: सुंदर सिंह मीणा) | RTA हेड इंजरी (SDH) | 1,30,000/- | उम्र 25 वर्ष दर्शाकर फर्जी केस फाइल तैयार की गई । |
| 5. | धीरप सिंह (पुत्र: मांगीलाल) | RTA हेड इंजरी एवं उल्ना फ्रैक्चर | 85,000/- | राजगढ़ निवासी, बिना इलाज के नाम का दुरुपयोग । |
| 6. | साक्षी केवट (पुत्री: शोभाराम केवट) | सीवियर सेप्सिस विद ऑब्स्ट्रक्शन | 1,25,000/- | सीहोर विधायक सुदेश राय के फर्जी अनुशंसा पत्र का इस्तेमाल । |
| 7. | करण सिंह अहिरवार | अज्ञात जहर का असर (Unknown Poison) | 1,05,000/- | कागजों में भर्ती दिखाकर राशि हड़पी गई । |
| 8. | रहीम खान (पुत्र: इकबाल खान) | बी/एल निमोनिया विद एआरएफ (ARF) | 1,10,000/- | मुख्यमंत्री कार्यालय से ₹35,000 सीधे अस्पताल खाते में जारी । |
| 9. | कल्याण सिंह गुर्जर | सीवियर सेप्सिस और क्रोनिक लीवर डिसीज | 1,15,000/- | बिना अस्पताल आए मेडिकल मैनेजमेंट के नाम पर हेराफेरी । |
| 10. | लाल सिंह अहिरवार | RTA हेड इंजरी विद SDH | 1,30,000/- | फर्जी हेड इंजरी का एस्टीमेट वल्लभ भवन भेजा गया । |
| 11. | राकेश सुमन (पुत्र: भेरू लाल) | L3-L4 नर्व कम्प्रेशन | 1,10,000/- | बिना किसी न्यूरोसर्जन के आईसीयू केयर का दावा । |
| 12. | राहुल सूर्यवंशी | एक्यूट एब्डोमेन पेन | 1,10,000/- | फर्जी ओपीडी/आईपीडी रिकॉर्ड तैयार किया गया । |
| 13. | अजय (पुत्र: बाबूलाल) | राइट MCA इन्फार्क्ट (स्ट्रोक) | 1,30,000/- | राजगढ़ कलेक्टर आईडी से ₹1,20,000 का सफल भुगतान प्राप्त । |
| 14. | सूरज मालवीय (पुत्र: रामप्रसाद) | RTA हेड इंजरी एवं शोल्डर डिस्लोकेशन | 95,000/- | 19 वर्षीय युवक के नाम पर फर्जी क्लेम । |
| 15. | नंदनी जोगी (पुत्री: मुरारीलाल जोगी) | राइट MCA इन्फार्क्ट | 1,10,000/- | विधायक सुदेश राय के पत्र पर ₹95,000 का फर्जीवाड़ा । |
| 16. | राहुल सेन (पुत्र: मांगीलाल सेन) | राइट साइड रीनल स्टोन (पथरी) | 1,05,000/- | पथरी के इलाज के लिए ₹1.05 लाख का भारी-भरकम फर्जी बिल । |
| 17. | रामचंद लोधी (उम्र: 74 वर्ष) | L3-L4 नर्व कम्प्रेशन | 1,15,000/- | बुजुर्ग के दस्तावेज चुराकर राशि का आहरण किया गया । |
| 18. | श्रवण कुशवाहा (पुत्र: बिहारीलाल) | क्रोनिक लीवर डिसीज (अल्कोहलिक) | 1,05,000/- | राजगढ़ के निवासी के नाम पर गुना में फर्जी दाखिला । |
| 19. | मोर सिंह बडोनिया (हजारीलाल) | निमोनिया, डेंगू बुखार, पेट में सूजन | 1,35,000/- | पीड़ित का बयान: “मैं कभी भर्ती नहीं हुआ, अंगूठा लगवाकर पैसे निकाले गए।” |
इस महाघोटाले में ‘लाइफ सीटी स्कैन सेंटर, लालघाटी, भोपाल’ की एक ही रिपोर्ट (Thin 2mm SDH) को काट-छांट कर कई मरीजों (जैसे अजय और नंदनी जोगी) के नाम पर बार-बार इस्तेमाल करने का भी गंभीर संदेह है!)
मरीजों की यह सूची चीख-चीख कर कह रही है कि यह कोई सामान्य चूक नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया करोड़ों रुपए का संगठित अपराध है ।
मरीज दिनेश अहिरवार और मोर सिंह बडोनिया जैसे सीधे-साधे ग्रामीणों ने जब थाने और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, तब जाकर इस फर्जीवाड़े की परतें खुलीं । डॉक्टर और अस्पताल के रसूखदार मालिकों ने पकड़े जाने के डर से आनन-फानन में रातों-रात अस्पताल का नाम ‘भोपाल सिटी’ से बदलकर ‘स्वास्तिक’ कर दिया, लेकिन पाप के दस्तावेज नहीं बदल पाए।
ब्रांडवाणी समाचार आज सरकार और देश की शीर्ष जांच एजेंसियों से सीधे सवाल पूछता है:
- सीबीआई (CBI) और लोकायुक्त: वल्लभ भवन के उन भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी, जो बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के बंद पड़े अस्पतालों के खातों में सीधे जनता का पैसा ट्रांसफर कर रहे थे?
- प्रवर्तन निदेशालय (ED): क्या इस मनी लॉन्ड्रिंग और गरीबों के हक के पैसे को डकारने वाले डॉक्टरों की संपत्तियों की जांच होगी? या ईडी की कार्रवाई केवल राजनीतिक रसूखदारों और चुनिंदा औद्योगिक घरानों तक ही सीमित रहेगी?
- ईओडब्ल्यू (EOW): क्या इस गिरोह के सरगनाओं को जेल भेजा जाएगा या हर बार की तरह जांच फाइलों में दफन होकर रह जाएगी?
यह लड़ाई केवल एक फर्जी अस्पताल की नहीं है, यह प्रदेश के उन लाखों गरीब परिवारों के हक की लड़ाई है जिनके इलाज का पैसा यह भ्रष्ट तंत्र खा गया ।ब्रांडवाणी समाचार इस मामले की पल-पल की अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा और जब तक इन दोषियों पर कड़ी कानूनी गाज नहीं गिरती, हम प्रशासन को सोने नहीं देंगे।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें। देखते रहिए ब्रांडवाणी समाचार। नमस्कार।








