बड़नगर वैन ब्लास्ट की गुत्थी उलझी, पटाखों से किया गया था विस्फोट; ATS तलाश रही असली मकसद

मध्य प्रदेश के बड़नगर में वैन में हुए रहस्यमयी विस्फोट की जांच लगातार गहराती जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि विस्फोट किसी उच्च क्षमता वाले विस्फोटक से नहीं, बल्कि पटाखों में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री की मदद से किया गया हो सकता है। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी इस निष्कर्ष को अंतिम नहीं माना है और मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि पुलिस के साथ एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी मौके से जुटाए गए हर छोटे-बड़े साक्ष्य का वैज्ञानिक विश्लेषण कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी फोरेंसिक रिपोर्ट सामने नहीं आ जातीं, तब तक विस्फोट की प्रकृति और इसके पीछे की वास्तविक मंशा पर कोई अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

जांच के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा एक कथित संदेश ‘फिर आ गए’ को लेकर हो रही है, जो घटनास्थल से जुड़े तथ्यों में सामने आया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह संदेश किसने लिखा, इसका उद्देश्य क्या था और क्या इसका संबंध सीधे विस्फोट से है या नहीं। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों का डिजिटल विश्लेषण भी किया जा रहा है। इसके अलावा मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को स्पष्ट रूप से समझा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर संभावित एंगल की जांच आवश्यक है।

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए हैं, जिनमें जले हुए अवशेष, धातु के टुकड़े, तार, रासायनिक पदार्थ और अन्य सामग्री शामिल है। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां यह पता लगाया जाएगा कि विस्फोट में वास्तव में किस प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल हुआ था। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं यह घटना किसी शरारत, व्यक्तिगत रंजिश, दहशत फैलाने की कोशिश या किसी अन्य उद्देश्य से तो नहीं की गई। यदि आवश्यकता पड़ी तो जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित पहलुओं पर समान रूप से काम किया जा रहा है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।

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gaurav singh rajput

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