
पुणे के चर्चित केतन हत्याकांड में जांच के दौरान एक नया मोड़ सामने आया है। मामले में कैब ड्राइवर के बयान ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्राइवर का दावा है कि घटना से पहले सिया ने केतन से करीब ₹1 करोड़ लिए थे और बाद में यह रकम चेतन को दे दी गई। हालांकि, इस दावे की जांच एजेंसियों द्वारा अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब कैब ड्राइवर के बयान, वित्तीय लेन-देन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।
कैब ड्राइवर ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि सिया बाली की यात्रा पर जाने के पक्ष में नहीं थी। उसके अनुसार, यात्रा को लेकर दोनों के बीच मतभेद थे और इसी दौरान केतन का पासपोर्ट भी कथित रूप से गायब कर दिया गया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पासपोर्ट वास्तव में कैसे और किन परिस्थितियों में गायब हुआ। यदि यह दावा सही पाया जाता है तो यह मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों, बैंक लेन-देन, मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयानों को एक-दूसरे से जोड़कर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर दावे का तथ्यों और सबूतों के आधार पर सत्यापन किया जाएगा।
यह मामला पहले ही कई खुलासों के कारण सुर्खियों में बना हुआ है और अब कैब ड्राइवर के बयान ने जांच को नई दिशा दे दी है। जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि कथित रकम के लेन-देन, बाली यात्रा की योजना और पासपोर्ट गायब होने की घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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