
देश के अधिकांश हिस्सों में पहुंच चुका दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अब तक 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच चुका है, लेकिन अनुकूल मौसमी परिस्थितियां नहीं बनने के कारण इसकी रफ्तार में कुछ दिनों के लिए कमी दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सक्रियता में यह अस्थायी ठहराव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और जल्द ही परिस्थितियां अनुकूल होने पर यह आगे बढ़ेगा।
इस बीच पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर लगातार जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में तेज बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।
दूसरी ओर, देश के छह राज्यों में अभी भी प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि यही प्री-मानसून गतिविधियां आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेंगी। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और मध्य तथा उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसकी प्रगति देखने को मिलेगी। इसके साथ ही कई राज्यों में तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, जहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, निचले इलाकों में सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
- monsoon-slows-after-reaching-22-states-heavy-rain-alert-assam-meghalaya-west-bengal








