
विकास की बड़ी-बड़ी तस्वीरें और करोड़ों-अरबों के बजट के बड़े-बड़े दावे… जनता को दिखाने के लिए यह सब कितना चमक-दमक वाला होता है, इसकी एक जीती-जागती और खोखली हकीकत आज हम आपको मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दिखाने जा रहे हैं।
जनता की गाढ़ी कमाई के 154 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाकर भोपाल में एक चमचमाता फ्लाईओवर खड़ा किया गया। दावा था कि इससे जनता को सहूलियत मिलेगी। लेकिन जरा इस फ्लाईओवर की ज़मीनी हकीकत देखिए!
मुख्य खबर और सरकारी तंत्र
- करोड़ों की लागत, कौड़ियों का काम:
भोपाल का यह महत्वाकांक्षी फ्लाईओवर, जिसकी कुल लागत ₹154 करोड़ बताई जा रही है, आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। इसके घटिया ड्रेनेज सिस्टम के कारण फ्लाईओवर का पानी सड़कों पर सुचारू रूप से बहने के बजाय, पुल के जोड़ों और दीवारों से रिस रहा है। यह लापरवाही न सिर्फ निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करती है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे रही है। - स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ कागजी विकास?**
भोपाल को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने का ढोल पीटने वाले अफसरों और जनप्रतियनिधियों से आज ब्रैंडवाणी समाचार सीधे सवाल पूछता है— क्या यही है आपका स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम? करोड़ों रुपये का टेंडर पास करते वक्त क्या इंजीनियरिंग की बेसिक गाइडलाइंस को ताक पर रख दिया गया था? - कौन है इसका ज़िम्मेदार?
इस घटिया निर्माण और बदहाल ड्रेनेज सिस्टम के लिए सीधे तौर पर वो ठेकेदार, इंजीनियर्स और प्रशासनिक अधिकारी ज़िम्मेदार हैं, जिनकी नाक के नीचे जनता के पैसों का यह तमाशा बनाया गया। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर लापरवाही के बाद भी संबंधित विभाग और सरकार पूरी तरह से मौन साधे बैठे हैं।
सड़कें और फ्लाईओवर किसी भी शहर की लाइफलाइन होते हैं, लेकिन जब इन लाइफलाइंस में ही भ्रष्टाचार का घुन लग जाए, तो जनता खुद को ठगा हुआ महसूस करती है। ₹154 करोड़ खर्च करने के बाद भी अगर फ्लाईओवर का यह हाल है, तो साफ है कि सिस्टम में ऊपर से नीचे तक बड़ी सांठगांठ चल रही है।
अब देखना यह होगा कि इस रिपोर्ट के बाद क्या सोते हुए प्रशासन की नींद टूटती है? क्या उन ज़िम्मेदार चेहरों पर कोई कार्रवाई होगी जिन्होंने जनता के पैसों को इस तरह पानी में बहा दिया? या फिर इस भ्रष्टाचार पर भी हमेशा की तरह लीपापोती कर दी जाएगी?
प्रशासन के इस ढर्रे और भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्रांडवाणी समाचार की पैनी नज़र बनी रहेगी।
कैमरामैन सहयोगी के साथ, ब्रांडवाणी समाचार, भोपाल।








