
भारत में कार खरीदारों की पसंद तेजी से बदल रही है। जून 2026 में पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इलेक्ट्रिक EV, हाइब्रिड और CNG वाहनों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। ऑटो डीलर्स के संगठन FADA की रिपोर्ट के अनुसार, वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों ने पहली बार यात्री वाहन बाजार में 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल की है।
केवल पेट्रोल इंजन वाली कारों की मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, जून में पैसेंजर व्हीकल की खुदरा बिक्री 4,10,853 यूनिट रही, जो अब तक का सबसे अच्छा जून प्रदर्शन है। इनमें CNG कारों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही, जबकि हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, केवल पेट्रोल इंजन वाली कारों की मांग में गिरावट देखने को मिली।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतें, कम रनिंग कॉस्ट, बेहतर माइलेज और नए मॉडलों की उपलब्धता के कारण ग्राहक अब वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। FADA का कहना है कि भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में यह बदलाव केवल अस्थायी नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक ट्रेंड बनता दिखाई दे रहा है।
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