
प्रयागराज। ताजमहल को लेकर एक बार फिर विवाद तेज हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उस याचिका पर केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से जवाब मांगा है, जिसमें दावा किया गया है कि ताजमहल मूल रूप से ‘तेजोमहालय’ नाम का प्राचीन शिव मंदिर था। अदालत ने दोनों पक्षों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में क्या दावा किया गया है?
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से ताजमहल परिसर का सर्वे कराने और यह जांच करने की मांग की है कि क्या यह संरचना पहले किसी हिंदू मंदिर के रूप में मौजूद थी। याचिका में इस दावे के समर्थन में कई ऐतिहासिक बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।
अभी कोर्ट ने दावे पर कोई फैसला नहीं दिया
हाईकोर्ट ने फिलहाल दावों की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल केंद्र सरकार और ASI से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई उनके जवाब मिलने के बाद होगी।
फिर शुरू हुई राजनीतिक बहस
हाईकोर्ट के नोटिस के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और ताजमहल की उत्पत्ति को लेकर याचिका में किए गए दावों पर अदालत की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
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