
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों द्वारा लगातार अपमानित किए जाने और मानसिक प्रताड़ना के कारण छात्रा ने यह कदम उठाया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान
परिजनों के अनुसार, छात्रा एक निजी स्कूल में कक्षा 8 की छात्रा थी। आरोप है कि स्कूल में मात्र 20 रुपये को लेकर उसे पूरी कक्षा के सामने डांटा गया। इतना ही नहीं, शिक्षकों ने उसे ट्रांसफर सर्टिफिकेट देने और स्कूल से निकालने की भी चेतावनी दी। इस घटना के बाद छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी।
फॉरेंसिक जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष
बताया जा रहा है कि छात्रा ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मिले एक कथित सुसाइड नोट में उसने स्कूल में हुए अपमान और मानसिक तनाव का जिक्र किया है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि नोट की सत्यता की जांच की जा रही है और फॉरेंसिक जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
कक्षा के सामने अपमानित
परिजनों का आरोप है कि छात्रा को बार-बार पूरी कक्षा के सामने अपमानित किया जाता था, जिससे वह गहरे तनाव में थी। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षकों से पूछताछ शुरू
पुलिस ने मामला दर्ज कर स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही स्कूल के अन्य छात्रों और स्टाफ के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में छात्रों के साथ व्यवहार, अनुशासन के तरीकों और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यार्थियों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाना बेहद आवश्यक है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
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