
बीना/ मनीष कुमार चौबे: स्कूल जाने का कहकर घर से निकलीं रायसेन जिले की दो नाबालिग बहनें बीना रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। समय रहते जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) की महिला आरक्षकों की नजर उन पर पड़ गई, जिससे संभावित अनहोनी टल गई। काउंसलिंग और पहचान की पुष्टि के बाद दोनों बच्चियों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
घूमने के उद्देश्य से बस से बीना आ गईं
जानकारी के अनुसार, बीना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 और 3 पर ड्यूटी के दौरान महिला आरक्षक सुषमा और बबीता ने दो किशोरियों को संदिग्ध और घबराई हुई अवस्था में घूमते देखा। पूछताछ में दोनों ने अपनी पहचान रुचि 15 वर्ष और अभिलाषा 17 वर्ष निवासी थाना बेगमगंज, जिला रायसेन के रूप में बताई। बच्चियों ने बताया कि वे स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थीं, लेकिन घूमने के उद्देश्य से बस से बीना आ गईं। उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं था।
सत्यापन करने के बाद परिजनों से संपर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने तत्काल बाल कल्याण समिति को सूचना दी। समिति की सदस्य दामिनी कुशवाह ने मौके पर पहुंचकर बच्चियों की काउंसलिंग की। उनके पास मौजूद पहचान पत्र से सत्यापन करने के बाद परिजनों से संपर्क किया गया।
भोजन की व्यवस्था
जब तक परिवार बीना पहुंचा, तब तक दोनों बच्चियों को जीआरपी के महिला हेल्प डेस्क पर सुरक्षित रखा गया और भोजन की व्यवस्था भी की गई। इसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर प्रधान आरक्षक राणा प्रताप, महिला आरक्षकों और बाल कल्याण समिति की मौजूदगी में दोनों बच्चियों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
बाहर न जाने के लिए जागरूक
अपनी बेटियों को सकुशल पाकर परिजनों ने जीआरपी टीम का आभार जताया। वहीं, जीआरपी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखें, उनसे संवाद बनाए रखें और बिना बताए कहीं भी बाहर न जाने के लिए जागरूक करें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
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