
सागर। मनीष कुमार चौबे| पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर में पीएम-उषा परियोजना के तहत छात्र-छात्राओं के कौशल विकास और आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए 15 दिवसीय विशेष कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के तहत मोबाइल रिपेयरिंग, वेब डेवलपमेंट, वीडियो एडिटिंग और सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अनुशासन और हुनर सफलता की कुंजी: डॉ. सरोज गुप्ता
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि कौशल विकास और आत्मरक्षा प्रशिक्षण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाएगी, जबकि आत्मरक्षा प्रशिक्षण उनमें आत्मविश्वास और साहस का विकास करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का पूरा लाभ उठाने की अपील की।
तकनीकी कौशल से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्य अतिथि डॉ. निधि जैन ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल मीडिया, वीडियो एडिटिंग, सोशल मीडिया और रिसर्च के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। वहीं, डॉ. पंकज तिवारी ने मल्टीमीडिया और डिजिटल संचार के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
तीन रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू
परियोजना प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी और संयोजक डॉ. सुचिता अग्रवाल ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए तीन विशेष स्किल कोर्स शुरू किए गए हैं। इनमें वेब डेवलपमेंट एवं वेब डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग एवं फोटोग्राफी तथा मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण शामिल है। सभी कोर्स 15 कार्यदिवस तक संचालित होंगे।
सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण पर भी जोर
15 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण में छात्राओं को व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम में सूबेदार रश्मि रावत, अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर आयुषी अग्रवाल, डॉ. मोनिका हार्डीकर, प्रशिक्षक मेघा भोजक और श्रद्धा साहू ने आत्मरक्षा और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, अतिथि विद्वान, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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