
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: पांगरी बांध परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों ने मंगलवार रात “अंधेरा भगाओ आंदोलन” के तहत मोमबत्तियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बांध निर्माण शुरू होने के बावजूद उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है और यदि 60 दिनों के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर
प्रदर्शन में पांगरी, बसाली, नागझिरी सहित चार फलियों के सैकड़ों किसान और ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि बांध परियोजना से प्रभावित मदन फाल्या के करीब 30 घरों की बिजली करीब ढाई महीने पहले काट दी गई थी, जिसके कारण परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
मुआवजा नहीं मिला तो व्यापक जनआंदोलन
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. रवि कुमार पटेल ने आरोप लगाया कि 29 मार्च से बांध निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की राशि नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि यदि अगले 60 दिनों के भीतर किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
पढ़ाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित
प्रभावित किसानों का कहना है कि डूब क्षेत्र में आने से उनकी खेती प्रभावित हो गई है, जिससे आजीविका का संकट गहरा गया है। साथ ही बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
“भारत माता की जय” के नारे
प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मोमबत्तियां जलाकर “अंधेरा भगाओ”, “जय जवान-जय किसान” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए।
नोट: इस खबर में मुआवजे और बिजली आपूर्ति से जुड़े दावे प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा लगाए गए हैं। प्रशासन या संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- burhanpur-pangri-dam-affected-farmers-candle-protest-compensation-demand










