रीवा में सरकारी स्कूलों की 35 लाख की किताबें गायब, 450 से ज्यादा बंडल लापता, भोपाल से पहुंची जांच टीम

रीवा/ अरविंद तिवारी: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निशुल्क वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के गायब होने का बड़ा मामला सामने आया है। रीवा स्थित पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम से 450 से अधिक बंडल किताबें लापता होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार गायब पुस्तकों की कीमत करीब 35 से 36 लाख रुपये बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।

स्टॉक मिलान के दौरान सामने आई बड़ी गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम में रखी पुस्तकों के स्टॉक का मिलान किया जा रहा था। इसी दौरान रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद पुस्तकों की संख्या में बड़ा अंतर सामने आया। जांच में 450 से अधिक बंडल पुस्तकों के गायब होने की आशंका जताई गई है।

ये पुस्तकें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क वितरित की जानी थीं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में किताबों के गायब होने से विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बाजार में अवैध रूप से खपाने का संदेह

मामले में आशंका जताई जा रही है कि विद्यार्थियों को निशुल्क बांटी जाने वाली सरकारी पुस्तकों को किसी स्तर पर अवैध रूप से बाजार में खपाया गया हो सकता है। हालांकि, पुस्तकों के गायब होने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पाठ्य पुस्तक निगम की ओर से चोरहटा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

भोपाल से पहुंची तीन सदस्यीय जांच टीम

घटना की जांच के लिए भोपाल से तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम रीवा पहुंची है। टीम द्वारा गोदाम का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर, वितरण संबंधी दस्तावेज और अन्य अभिलेखों का भी मिलान किया जा रहा है।

वहीं, चोरहटा पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस गोदाम से जुड़े कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि किताबें आखिरी बार कब और किसके पास थीं।

जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई

प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि सरकारी पुस्तकों की चोरी और अवैध बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल भोपाल से पहुंची जांच टीम और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 35 लाख रुपये से अधिक कीमत की सरकारी किताबें आखिर कहां गईं और इस पूरे मामले में कौन कौन लोग शामिल हैं।

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Manisha Gupta

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