
वरूर/ मुकेश कुमार जैन: जैन समाज के लिए गुरुवार का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहा। 238 दिनों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रसंत, नवग्रह तीर्थ प्रवर्तक एवं जगतगुरु गणाधिपति गणधराचार्य आचार्य श्री गुणधरनंदीजी गुरुवर का श्री नवग्रह तीर्थ क्षेत्र, वरूर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। गुरुदेव ने सुबह करीब 9 बजे तीर्थ क्षेत्र में प्रवेश किया।
हजारों श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
आचार्य श्री के मंगल प्रवेश को लेकर श्री नवग्रह तीर्थ क्षेत्र को आकर्षक रूप से सजाया गया था। प्रवेश मार्ग पर रंगोलियां बनाई गईं और जगह-जगह धर्मध्वज लगाए गए। पुष्पवर्षा और मंगल वाद्यों के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए गुरुदेव का भावभीना स्वागत किया।
भव्य शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे तीर्थ क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण नजर आया।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
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आचार्य श्री गुणधरनंदीजी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु वरूर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के मंगल दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर धर्मसभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें आचार्य श्री ने धर्म, संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण का संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन अपनाने और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
जैन समाज की एकता और गुरुभक्ति का दिखा अद्भुत संगम
श्री नवग्रह तीर्थ वरूर में आयोजित आचार्य श्री का यह मंगल प्रवेश जैन समाज की एकता, श्रद्धा और गुरुभक्ति का अद्भुत उदाहरण बन गया। श्रद्धालुओं ने 238 दिनों के बाद गुरुदेव के तीर्थ क्षेत्र में आगमन को अपने लिए सौभाग्य का अवसर बताया।
भव्य आयोजन और आध्यात्मिक वातावरण से श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
- Acharya Shri Gunadharanandi Ji Makes Grand Entry At Navagraha Tirth Varur After 238 Days








