
भिंड।मंगल सिंह कुशवाहा| कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने जिले के फूप क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दवा दुकानों के लाइसेंस, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपलब्धता और औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेखों की जांच की गई। साथ ही पूर्व में नोटिस जारी किए गए 9 मेडिकल संस्थानों के लाइसेंस निलंबित कर उनके दवा क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।
फूप के मेडिकल स्टोरों का किया निरीक्षण
औषधि निरीक्षक ने फूप स्थित विकास मेडिकल एजेंसी, महावीर मेडिकल स्टोर, गोविंद मेडिकल स्टोर, अशोक मेडिकल स्टोर, अभई मेडिकल स्टोर, जैन मेडिकल स्टोर सहित अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट या सक्षम व्यक्ति की उपस्थिति में मेडिकल स्टोर संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए।
शेड्यूल दवाओं की बिक्री को लेकर दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान नशे में दुरुपयोग की आशंका वाली दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड नियमानुसार संधारित करने और मांगने पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बिना पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे के शेड्यूल दवाओं की बिक्री नहीं करने और सभी अभिलेख नियमानुसार रखने को कहा गया।
9 मेडिकल संस्थानों के लाइसेंस निलंबित
डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने बताया कि पूर्व में निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के कारण मिहोना, लहार, रौन, पिथनपुरा और गोहद क्षेत्र के 9 मेडिकल संस्थानों को नोटिस जारी किए गए थे। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित कर दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है।
नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि औषधि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के विरुद्ध भविष्य में भी नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
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