
टीकमगढ़/दित्यपाल राजपूत की रिपोर्ट: जिले के पलेरा क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध वनोपज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सेमल की लकड़ी से भरे एक ट्रैक्टर को जब्त किया है। वाहन चालक परिवहन से संबंधित कोई वैध अभिवहन अनुज्ञा (टी.पी.) प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन विभाग के अनुसार, मुख्य वन संरक्षक छतरपुर वृत्त के मार्गदर्शन एवं वनमंडलाधिकारी टीकमगढ़ के निर्देशन में वन परिक्षेत्र जतारा की टीम द्वारा आईटीआई कॉलेज पलेरा के समीप नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रैक्टर को रोककर जांच की गई।
जांच में पाया गया कि पावरट्रैक यूरो-50 ट्रैक्टर (चेसिस क्रमांक T053500567FJ, इंजन क्रमांक E3563218) में सेमल की 6 नग लकड़ी, जिसकी कुल मात्रा 1.016 घनमीटर थी, बिना किसी वैध अभिवहन अनुज्ञा (टी.पी.) के परिवहन की जा रही थी। चालक से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 41 तथा मध्यप्रदेश अभिवहन (वनोपज) नियम, 2000 (संशोधित नियम-2022) के तहत ट्रैक्टर एवं लकड़ी को विधिवत जब्त कर लिया। मामले में वन अपराध प्रकरण (POR) क्रमांक 262/06, दिनांक 01 अगस्त 2026 दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई वन परिक्षेत्राधिकारी मुकेश कुमार अहिरवार के नेतृत्व में जालम प्रजापति, धीरज सोनी, विकास बाबू वर्मा, ललित राय, संजय दीक्षित, अशोक महान, जयराम अहिरवार, जय प्रकाश यादव, राजकुमार अहिरवार एवं अनिल द्विवेदी सहित वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की। वन विभाग ने जब्त ट्रैक्टर एवं वनोपज को अपनी अभिरक्षा में सुरक्षित रखा है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की वनोपज का परिवहन केवल वैध अभिवहन अनुज्ञा (टी.पी.) एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
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