
हरपालपुर (छतरपुर)।अमित अवस्थी| नौगांव तहसील क्षेत्र के ग्राम रानीपुरा की कृषि भूमि की कथित फर्जी रजिस्ट्री के मामले में हरपालपुर पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए 12 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री से जुड़ा है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस के अनुसार, महोबा जिले के थाना अजनर क्षेत्र के ग्राम बिजौरी निवासी सरोज राजपूत की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम रानीपुरा की खसरा नंबर 416 एवं 418/1/3/1/1/1 की कृषि भूमि की कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराई गई।
आधार कार्ड में नाम बदलने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, कथित तौर पर एक अन्य महिला के आधार कार्ड में नाम बदलकर “सरोजदेवी उर्फ सुनीता” दर्ज कराया गया। इसके बाद 2 मार्च और 10 अप्रैल 2026 को उप पंजीयक कार्यालय नौगांव में तीन विक्रय पत्र निष्पादित किए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वास्तविक भूमि स्वामिनी और रजिस्ट्री में प्रयुक्त पहचान संबंधी दस्तावेजों में पति के नाम अलग-अलग थे।
12 लोगों को बनाया गया आरोपी
पुलिस ने इस मामले में सुनीता उर्फ सरोज राजपूत, तारा राजपूत, माया देवी नायक, कमला देवी रिछारिया, अमीना खान, परवेज खान, गफूर खान, जयप्रकाश राजपूत, मुन्नालाल प्रजापति, तत्कालीन सरपंच, तत्कालीन सचिव तथा सेवा प्रदाता अशोक राजपूत को आरोपी बनाया है।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
पुलिस अब आधार कार्ड में नाम परिवर्तन से जुड़े रिकॉर्ड, ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, उप पंजीयक कार्यालय के अभिलेख, विक्रय पत्र, पहचान सत्यापन, हस्ताक्षर, अंगूठे के निशान और गवाहों की भूमिका की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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