
एक बड़े जिले में कलेक्टर के ई-अटेंडेंस आदेश को लेकर पंचायत सचिवों में नाराजगी सामने आई है। कलेक्टर ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सचिवों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। व्यवस्था के तहत सचिवों को सुबह 10 बजे पंचायत कार्यालय पहुंचकर हाजिरी दर्ज करनी होगी और शाम 6 बजे निकलते समय दोबारा ई-अटेंडेंस लगानी होगी।
आदेश को लेकर सचिवों में नाराजगी
पंचायत सचिवों का कहना है कि नई व्यवस्था से उनकी दिनचर्या प्रभावित होगी। उनका तर्क है कि जब पूरे प्रदेश में इस तरह की व्यवस्था एक समान रूप से लागू नहीं है, तो उनके जिले में इसे अनिवार्य करने की जरूरत क्यों पड़ी। इसी मुद्दे को लेकर सचिवों में नाराजगी बढ़ने की बात सामने आ रही है।
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पूर्व मंत्री से लगाई आदेश वापस कराने की गुहार
बताया जा रहा है कि पंचायत सचिवों ने मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी संपर्क किया है। उन्होंने भाजपा के एक कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री के सामने अपनी समस्या रखी है। सचिवों ने उनसे कलेक्टर के आदेश को वापस कराने में मदद करने की मांग की है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाएगा। पंचायत सचिवों और जिला प्रशासन के बीच इस मामले में आगे होने वाली बातचीत पर नजर बनी हुई है।
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