
सागर/ मनीष कुमार चौबे: डायल 112 की आधुनिक तकनीक और पुलिस की संवेदनशीलता का मानवीय उदाहरण सागर पुलिस कंट्रोल रूम में सामने आया। डायल 112 के नोडल जिला प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया की सतर्कता और FRV में लगे कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग से हार्ट अटैक से पीड़ित प्रधान आरक्षक को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिली।
कंट्रोल रूम में बैठक के दौरान मिली सूचना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 60 डायल 112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आया है। उन्हें थाना बांदरी की FRV 29 से तत्काल उपचार के लिए सागर के बंसल अस्पताल ले जाया जा रहा था।
सूचना मिलते ही भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी।
30 किलोमीटर तक पल पल की मॉनिटरिंग
प्रधान आरक्षक की गंभीर स्थिति को देखते हुए भदौरिया ने करीब 30 किलोमीटर के पूरे सफर के दौरान FRV की लाइव मॉनिटरिंग की। उन्होंने वाहन में मौजूद पुलिस स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए और प्रधान आरक्षक को लगातार ढांढस बंधाया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी संपर्क किया। चिकित्सकों से अस्पताल पहुंचने से पहले मरीज के संबंध में आवश्यक सावधानियों की जानकारी लेने के बाद FRV में मौजूद पुलिस स्टाफ को उसी के अनुसार निर्देश दिए गए।
समय पर अस्पताल पहुंचने से मिला उपचार
FRV 29 प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से प्रधान आरक्षक की जान बचाने में मदद मिली।
तकनीक और संवेदनशीलता का बना प्रभावी समन्वय
इस घटना ने दिखाया कि FRV में लगे लाइव कैमरे केवल पुलिस निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता और जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, संवेदनशीलता और लगातार मॉनिटरिंग ने तकनीक का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया। डायल 112 की तकनीकी व्यवस्था और पुलिस अधिकारी की मानवीय संवेदनशीलता के इस समन्वय से एक गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति में समय पर मदद पहुंच सकी।
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