
सागर, मध्य प्रदेश।मनीष कुमार चौबे| सावन के पावन अवसर पर तुलसी फाउंडेशन की कांवड़ यात्रा मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर सागर पहुंची। जिला पंचायत कार्यालय के सामने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने एक हजार से अधिक कांवड़ यात्रियों का पुष्पहार और पुष्पवर्षा से स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की गई। स्वागत के बाद मंत्री राजपूत स्वयं कंधे पर कांवड़ लेकर यात्रियों के साथ पैदल चले।
कांवड़ यात्रियों के साथ पैदल चले मंत्री राजपूत
तुलसी फाउंडेशन की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मां नर्मदा का जल लेकर सागर पहुंचे कांवड़ यात्रियों का जिला पंचायत कार्यालय के सामने स्वागत किया गया।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने यात्रियों को पुष्पहार पहनाए और पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद उन्होंने स्वयं कंधे पर कांवड़ रखी और श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलकर यात्रा में सहभागिता की। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी कांवड़ लेकर आगे बढ़े। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयकारे गूंजते रहे।
‘हर कांवड़ यात्री सनातन धर्म का प्रहरी’
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कांवड़ यात्री सनातन धर्म का रक्षक और सशक्त प्रहरी है।
उन्होंने कहा कि ऐसी धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ती हैं। साथ ही युवाओं को धार्मिक संस्कारों और भारतीय संस्कृति से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति मानवता, सेवा, सद्भाव और संस्कारों का संदेश देती है।
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सुरखी में यात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाएं
कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए सुरखी स्थित मंगल भवन में पहले से ठहरने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के भोजन और विश्राम की व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया।
जिला पंचायत कार्यालय के सामने पहुंचने पर मंत्री राजपूत ने श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया। भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी कराई गई। आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने यात्रियों की सुविधाओं में सहयोग किया।
नर्मदा जल से होगा भगवान शिव का अभिषेक
कांवड़ यात्री मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए रवाना हुए। धार्मिक परंपरा के अनुसार श्रद्धालु लंबी दूरी तक कांवड़ लेकर चलते हैं और बाद में पवित्र जल भगवान शिव को अर्पित करते हैं।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने लगातार भगवान शिव के जयकारे लगाए। कांवड़ लेकर चलना उनके लिए आस्था, संकल्प और समर्पण का प्रतीक रहा। नर्मदा जल को शिव आराधना में अर्पित करने की परंपरा के चलते यात्रा में धार्मिक उत्साह देखने को मिला।
तुलसी फाउंडेशन की पहल की सराहना
मंत्री राजपूत ने तुलसी फाउंडेशन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को धार्मिक आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति से जोड़ने वाले ऐसे आयोजन समाज में सेवा, भाईचारे और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
कांवड़ यात्रा के संयोजक हरिराम ठाकुर, अध्यक्ष प्रदीप राजोरिया, अनिल दुबे, पहलाद रैकवार, पप्पू तिवारी, असंख्य दुबे, अंकित दीक्षित, लोकेश दीक्षित, आलोक तिवारी, अनिल सैनी, गिरीशकांत तिवारी, एडवोकेट राजेश मिश्रा, मनीष नेम, मनमोहन रैकवार, रवि सिंह ठाकुर और योगेश नेम सहित कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
तुलसी फाउंडेशन की कांवड़ यात्रा में एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। सागर पहुंचने पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने यात्रियों का स्वागत किया और स्वयं कांवड़ लेकर उनके साथ पैदल चले। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल नजर आया।
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