
सागर, मध्य प्रदेश।मनीष कुमार चौबे|लोक सेवाओं के समय-सीमा में निराकरण नहीं करने पर सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सात ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ शास्ति अधिरोपित की है। कार्रवाई मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2010 की धारा 7(1) के तहत की गई है। संबंधित सचिवों ने विवाह पंजीयन, जन्म और मृत्यु के अप्राप्यता प्रमाण-पत्र से जुड़े आवेदनों का निर्धारित अवधि में निराकरण नहीं किया था।
3 से 11 दिन तक देरी मिलने पर कार्रवाई
जारी आदेश के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों के पास लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले आवेदन लंबित थे। इन प्रकरणों में निर्धारित समय-सीमा से तीन से 11 दिन तक की देरी पाई गई।
कलेक्टर प्रतिभा पाल पहले ही अधिकारियों और कर्मचारियों को नागरिकों को निर्धारित समय में सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दे चुकी हैं। इसके बावजूद प्रकरणों में देरी मिलने पर संबंधित सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सात ग्राम पंचायत सचिवों पर लगा जुर्माना
समय-सीमा से बाहर निराकृत प्रकरणों को लेकर सात सचिवों पर अलग-अलग राशि की शास्ति लगाई गई है। सीहोरा, जनपद पंचायत राहतगढ़ के सचिव जगन्नाथ प्रसाद कुर्मी पर 2,750 रुपये, तेड़ूडाबर, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव रतन सिंह पटेल पर 750 रुपये और पिपरिया, जनपद पंचायत जैसीनगर के सचिव महेंद्र सिंह पर 500 रुपये की शास्ति लगाई गई।
इसी तरह गंगवारा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव मिथलेश ब्राह्मण पर 2,000 रुपये, रायखेड़ा, जनपद पंचायत देवरी के सचिव दीपक खटीक पर 5,000 रुपये, घाना, जनपद केसली के सचिव उमाशंकर दुबे पर 2,500 रुपये और तुलसीपार, जनपद केसली के सचिव निरंजन खरे पर 1,750 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।
कुल 15,250 रुपये की शास्ति
सातों मामलों में कुल 15,250 रुपये की शास्ति निर्धारित की गई है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत निर्धारित समय में सेवा उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित सचिवों के खिलाफ प्रतिदिन 250 रुपये के हिसाब से शास्ति लगाई गई।
सभी संबंधित सचिवों को शास्ति की राशि चालान के माध्यम से निर्धारित लेखा शीर्ष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। राशि जमा करने के बाद चालान की प्रति तीन दिन के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
समय-सीमा में सेवाएं देने पर प्रशासन का जोर
कलेक्टर की इस कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों से जुड़े लोक सेवा गारंटी के मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। विवाह पंजीयन और जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र जैसी सेवाओं के आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
सागर में लोक सेवा गारंटी के मामलों में देरी पर सात ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। कुल 15,250 रुपये की शास्ति लगाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
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