
गुना/ मोहित सोनी: मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में इलाज को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। काला पाठक क्षेत्र की तुलसी बस्ती निवासी एक परिवार ने अस्पताल में सही समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण महिला की मौत का आरोप लगाया है। घटना के बाद मृतका के बेटे ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
गंभीर हालत में मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था बेटा
शिकायतकर्ता अभिषेक खटीक, निवासी वार्ड नंबर 31, काला पाठक, के मुताबिक उन्होंने अपनी मां श्रीमती राधा खटीक को गंभीर हालत में इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में समय पर उपचार मिलने से उनकी हालत में सुधार होगा।
लेकिन परिवार का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों द्वारा मरीज का समय पर और उचित उपचार नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डॉक्टर का नाम तक स्पष्ट नहीं बताया, परिवार का आरोप
पीड़ित बेटे अभिषेक खटीक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इलाज कर रहे डॉक्टर का नाम भी परिजनों को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया। परिवार के मुताबिक, गंभीर स्थिति के बावजूद उपचार को लेकर उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी।
परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते महिला को उचित इलाज और जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल जाती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
अस्पताल में ही महिला ने तोड़ा दम
परिवार के अनुसार, इलाज के दौरान राधा खटीक की जिला अस्पताल में ही मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि अस्पताल में इलाज की व्यवस्था और डॉक्टरों की जवाबदेही को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई।
मां की मौत के बाद बेटे ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के माध्यम से उसने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
मामला अब शिकायत के स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तव में इलाज में किसी तरह की लापरवाही थी या उनकी गंभीर चिकित्सकीय स्थिति इसका कारण बनी।
परिवार ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही यह भी सवाल उठाया है कि गंभीर मरीजों के उपचार के दौरान परिजनों को डॉक्टर और इलाज की स्थिति की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई।
गुना जिला अस्पताल से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय जवाबदेही और आपात स्थिति में उपचार की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें प्रशासन की जांच और अस्पताल प्रबंधन के जवाब पर हैं।
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