
छतरपुर/ अमित अवस्थी: कलेक्टर मृणाल मीना ने बुधवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। पदभार संभालने के बाद जिला अस्पताल में यह उनका पहला औचक दौरा था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जगह-जगह अव्यवस्था और गंदगी मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और स्वास्थ्य अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन भी मौजूद रहे।
ओपीडी से प्रसूति विभाग तक लिया जायजा
कलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, आपातकालीन वार्ड, प्रसूति विभाग, पैथोलॉजी लैब सहित प्रमुख चिकित्सा इकाइयों में पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं, उपचार व्यवस्था और अस्पताल की साफ-सफाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
कलेक्टर ने अधिकारियों से अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और मरीजों की संख्या की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
गंदगी देखकर जताई कड़ी नाराजगी
अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर साफ-सफाई में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और अस्पताल परिसर में मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने पर भी जोर दिया।
300 बेड की क्षमता, 550 से ज्यादा मरीज भर्ती
निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल पर मरीजों के बढ़ते दबाव की स्थिति भी सामने आई। अस्पताल की निर्धारित क्षमता 300 बिस्तरों की है, जबकि वर्तमान में यहां 550 से अधिक मरीज भर्ती बताए गए हैं। यानी अस्पताल अपनी निर्धारित क्षमता से लगभग दोगुने मरीजों का दबाव झेल रहा है।
इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के भर्ती होने के बावजूद उन्हें उपचार और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर ने प्रबंधन को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और मरीजों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मरीजों की सुविधाओं पर विशेष फोकस
कलेक्टर मृणाल मीना ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं भी बेहतर तरीके से मिलनी चाहिए। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वार्डों के प्रबंधन, स्वच्छता और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को केवल निरीक्षण के समय नहीं, बल्कि नियमित रूप से दुरुस्त रखने पर जोर दिया। अधिकारियों को समस्याओं की पहचान कर उनका समयबद्ध तरीके से समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने साफ किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर के निरीक्षण के बाद अब अस्पताल की सफाई, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर आगे भी निगरानी रखे जाने की उम्मीद है।
यह भी पढ़े: भोपाल में नर्सिंग छात्राओं का प्रदर्शन, परीक्षाएं और रिजल्ट जल्द जारी करने की मांग
- Chhatarpur-Collector-Mrinal-Meena-Surprise-Inspection-District-Hospital-Cleanliness









