
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) युवाओं की नई पीढ़ी यानी जेन जी (Gen Z) को राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक विचारधारा से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है। संघ की बैठकों में युवाओं के बीच बढ़ते सोशल मीडिया प्रभाव, बदलती सोच और नई पीढ़ी तक अपनी विचारधारा पहुंचाने को लेकर चर्चा की गई। इस रणनीति के तहत सोशल मीडिया पर युवाओं की गतिविधियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभाव को समझने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संघ का उद्देश्य युवा वर्ग को राष्ट्र, समाज और सांस्कृतिक विषयों के प्रति जागरूक करना बताया जा रहा है। इंदौर में हुई बैठक से जुड़े संदेशों में भी युवाओं को संगठन से जोड़ने और उनके बीच संवाद बढ़ाने की दिशा को प्रमुखता दी गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश में यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित नियमों और उनके राजनीतिक-सामाजिक प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, संघ के भीतर इस बात पर मंथन हुआ कि यूजीसी बिल या उससे जुड़े मुद्दों के कारण उत्तर प्रदेश में संगठन और भाजपा को नुकसान की आशंका हो सकती है। युवाओं, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच इन मुद्दों को लेकर बन रही धारणा पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई। सोशल मीडिया पर किसी भी मुद्दे के तेजी से फैलने और उसके राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए डिजिटल संवाद को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। हालांकि, बैठक में हुई चर्चाओं और संभावित रणनीतियों के संबंध में आधिकारिक तौर पर सामने आए तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
इंदौर बैठक के छह संदेशों में नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना, सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाना, युवाओं के बीच संवाद स्थापित करना, यूजीसी से जुड़े मुद्दों के राजनीतिक प्रभाव का आकलन करना, उत्तर प्रदेश में सामाजिक समीकरणों पर नजर रखना और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करना जैसे विषय शामिल बताए जा रहे हैं। RSS की यह रणनीति ऐसे समय में सामने आई है, जब देश में युवाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। जेन जी की बदलती प्राथमिकताओं और डिजिटल माध्यमों पर बढ़ती निर्भरता के बीच संघ की यह पहल भविष्य की संगठनात्मक दिशा को प्रभावित कर सकती है।








