
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘मनुस्मृति’ से जुड़े बयान पर जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी से देश को बहुत ज्यादा अपेक्षाएं नहीं हैं, लेकिन संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा के तहत नेता प्रतिपक्ष के पद की अपनी जवाबदेही होती है। इसके बावजूद वह भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को अपमानित करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। रायबरेली में वीर सेनानायक राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘भाव समर्पण’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण और राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों की पूरी रिपोर्ट नीचे दी गई है:
‘संविधान की शपथ लेकर भी परंपराओं का अपमान’
महाराष्ट्र में राहुल गांधी द्वारा दिए गए उस बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने महिलाओं से मनुस्मृति के बंधनों को तोड़ने की बात कही थी, मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में संविधान की शपथ ली है। इसके बावजूद वह लगातार भारत की महान परंपरा का अनादर कर रहे हैं। योगी ने कहा कि जब राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से बाहर जाते हैं तो राज्य को लांछित करते हैं और देश से बाहर कदम रखते ही पूरे भारत का अपमान करने लगते हैं।
सेना पर सवाल और देशविरोधी तत्वों को प्रोत्साहन का आरोप
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष की निष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब सीमाओं पर देश के जवान दुश्मनों से लोहा ले रहे होते हैं, तब राहुल गांधी सेना के पराक्रम पर सवाल उठाते हैं और उनसे प्रमाण मांगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद के खिलाफ देश की निर्णायक लड़ाई में भी राहुल गांधी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से देशविरोधी ताकतों का मनोबल बढ़ाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने कभी अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे।
‘मनु को जानना है तो वेद और पुराण पढ़ें’
राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी ज्ञान पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने सलाह दी कि यदि उन्हें वास्तव में मनु और भारतीय संस्कृति को समझना है, तो उन्हें अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण का अध्ययन करना चाहिए। योगी ने कहा कि जो समाज अपनी मूल परंपराओं और नैतिक मूल्यों को भूल जाता है, वह कभी अपना उज्ज्वल भविष्य नहीं बना सकता।
राणा बेनी माधव के बलिदान को नमन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति में जो चिंगारी बैरकपुर में अमर शहीद मंगल पांडेय ने सुलगाई थी, उसे मेरठ में धनसिंह गुर्जर, कानपुर के बिठूर में नाना साहब व तात्या टोपे और झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने आगे बढ़ाया। अवध की पावन धरती पर इसी महान क्रांति की मशाल को राणा बेनी माधव बख्श सिंह ने संभाला था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज की पीढ़ी का यह परम कर्तव्य है कि वह इन महान वीरों के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को जीवंत रखे।
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