
उमरिया/ राकेश दर्दवंशी: उमरिया जिले में बारिश के बीच स्कूली छात्र-छात्राओं के उफनती नदी पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मामला करकेली ब्लॉक के ग्राम मानिकपुर और बिलासपुर के बीच स्थित सिंदली नदी का है। वायरल वीडियो में कुछ बच्चे नदी के तेज बहाव के बीच उसे पार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद उमरिया कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्कूल के प्राचार्य को निलंबित कर दिया है।
शॉर्टकट के चक्कर में जोखिम में डाली जान
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के चलते क्षेत्र की नदी और नाले उफान पर हैं। इसके बावजूद कुछ स्कूली बच्चे शॉर्टकट के लिए सिंदली नदी को पार करते दिखाई दिए। वीडियो में नदी का बहाव काफी तेज नजर आ रहा है और बच्चे इसी बहाव के बीच एक किनारे से दूसरे किनारे जाने का प्रयास करते दिख रहे हैं।
ऐसे हालात में पानी का बहाव अचानक बढ़ने या पैर फिसलने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि सामने आए वीडियो में किसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं है।
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन ने लिया संज्ञान
छात्रों के इस तरह नदी पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा। उमरिया कलेक्टर ने घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित स्कूल के प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें निलंबित कर दिया।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बारिश के दौरान उनकी आवाजाही को लेकर जिम्मेदारी पर चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि जब नदी-नाले उफान पर हैं, तो बच्चों को ऐसे जोखिम भरे रास्ते से जाने से रोकने के लिए स्कूल स्तर पर क्या इंतजाम किए गए थे।
बच्चों की सुरक्षा पर अभिभावकों की भी जिम्मेदारी
घटना ने केवल स्कूल प्रबंधन ही नहीं, बल्कि अभिभावकों और स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में बच्चों को खतरनाक रास्तों से जाने से रोकना जरूरी है।
जिला प्रशासन की ओर से भी लगातार लोगों से अपील की जाती है कि बारिश के दौरान उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें। बावजूद इसके बच्चों का इस तरह नदी पार करना गंभीर चिंता का विषय है।
शॉर्टकट कहीं जिंदगी पर भारी न पड़ जाए
सिंदली नदी की घटना ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि बारिश के मौसम में कुछ दूरी बचाने के लिए जान जोखिम में डालना भारी पड़ सकता है। तेज बहाव वाली नदी को पैदल पार करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन ने स्कूल प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी तय करने का संकेत दिया है। वहीं, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को भी मिलकर सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ऐसे जोखिम भरे रास्तों पर रोक लगाई जा सके।
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