
डबरा/ भरत रावत: ग्वालियर जिले के डबरा स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में मंगलवार को जिला स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से किसानों को संबोधित करते हुए उनसे संवाद किया। महोत्सव में आधुनिक खेती, डिजिटल कृषि सेवाओं, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, फसल विविधीकरण और कृषि क्षेत्र में नवाचारों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सीएम ने वर्चुअल माध्यम से किसानों से किया संवाद
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों और शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं से जोड़ना रहा।
महोत्सव में किसानों को बताया गया कि बदलते कृषि परिदृश्य में पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना जरूरी है। इससे उपलब्ध भूमि और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है।
फार्मर आईडी और ई-टोकन पर जोर
कार्यक्रम में अपेक्स बैंक मध्य प्रदेश के प्रशासक एवं अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेश सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से मिलने वाले खाद-बीज ऋण की व्यवस्था को और सुविधाजनक बनाने पर विचार किया जा रहा है। वहीं खाद की कालाबाजारी रोकने और पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए फार्मर आईडी और ई-टोकन प्रणाली को महत्वपूर्ण बताया गया।
किसानों से अपनी सभी कृषि भूमि का विवरण फार्मर आईडी में दर्ज कराने की अपील की गई, ताकि दर्ज रकबे के अनुसार खाद और अन्य कृषि सुविधाओं का लाभ मिल सके।
पारंपरिक खेती के साथ नई गतिविधियों को अपनाने की सलाह
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान किसानों को आधुनिक तकनीकों और शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दलहन, जैविक खेती, मशरूम उत्पादन और बागवानी जैसी गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इन गतिविधियों के जरिए किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं।
मृदा स्वास्थ्य और डिजिटल कृषि पर चर्चा
बलराम कृषि महोत्सव में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को भी प्रमुखता दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को मिट्टी की जांच और फसल की जरूरत के अनुसार पोषक तत्वों एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी।
इसके साथ ही डिजिटल कृषि सेवाओं और कृषि नवाचारों को लेकर भी किसानों को जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करने और फसल उत्पादन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
कार्यक्रम में फसल विविधीकरण को किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। किसानों को केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों और बाजार की मांग के अनुसार अलग-अलग कृषि गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
महोत्सव के दौरान प्रगतिशील किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव साझा किए। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और नवाचारों की जानकारी दी गई।
बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल
डबरा कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
महोत्सव के जरिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ उन्हें खेती में नवाचार के लिए प्रेरित किया गया।
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