
सार:
बमीठा/ परशुराम रैकवार: छतरपुर जिले के बमीठा क्षेत्र में खर्रोही-बमीठा बेनीगंज बांध पहुंच मार्ग की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। करीब 3 किलोमीटर के इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और कीचड़ के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के चलते उन्हें बमीठा बाजार जाने के बजाय खजुराहो और राजनगर तक लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
विस्तार:
छतरपुर जिले के बमीठा और खजुराहो क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खर्रोही से बमीठा-खजुराहो हाईवे को जोड़ने वाला खर्रोही-बमीठा बेनीगंज बांध पहुंच मार्ग लंबे समय से खराब हालत में बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब इस मार्ग से निकलना जोखिम भरा हो गया है।
सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे दिखाई देते हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को होती है।
ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि खर्रोही से बमीठा-खजुराहो हाईवे की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है। सड़क ठीक होने पर आसपास के गांवों के लोग आसानी से बमीठा बाजार पहुंचकर रोजमर्रा का सामान खरीद सकते थे।
लेकिन मार्ग की बदहाली के कारण ग्रामीणों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्हें करीब 9 किलोमीटर दूर खजुराहो और लगभग 12 किलोमीटर दूर राजनगर के बाजारों तक जाना पड़ता है।
इससे ग्रामीणों का समय और ईंधन दोनों अधिक खर्च हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस बाजार तक कुछ ही मिनटों में पहुंचा जा सकता था, वहां सड़क खराब होने के कारण अब लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का असर केवल आवागमन पर ही नहीं पड़ा है, बल्कि बमीठा के स्थानीय बाजार पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। खर्रोही, धनुपुरा और चादऊआ समेत आसपास के गांवों के लोगों का बमीठा बाजार से नियमित संपर्क रहा है।
लेकिन रास्ता खराब होने के कारण कई ग्रामीणों ने बमीठा बाजार जाना कम कर दिया है। जरूरी सामान के लिए भी उन्हें दूसरे बाजारों का रुख करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे एक ओर उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर बमीठा के स्थानीय व्यापारियों को भी इसका नुकसान हो सकता है।
खर्रोही और बेनीगंज बांध के बीच बने रेलवे अंडरब्रिज के पास सड़क की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है। उनके मुताबिक अंडरब्रिज के नीचे सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया है और बारिश के समय यहां पानी व कीचड़ जमा हो जाता है।
ग्रामीणों का दावा है कि इस हिस्से से गुजरते समय बाइक और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। कीचड़ और गड्ढों के कारण वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालक संतुलन बिगड़ने के कारण गिर जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस हिस्से को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति बनने से पहले समस्या का समाधान हो सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के मामले में विभागों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बेनीगंज बांध से जुड़े करीब 2 किलोमीटर हिस्से का मामला सिंचाई विभाग के अंतर्गत आता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से बजट की कमी का हवाला दिया जाता है।
वहीं सड़क के दूसरे हिस्से को लेकर विभागीय सीमा से जुड़ा मामला सामने आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागों की आपसी जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण सड़क का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
हालांकि, इन विभागीय दावों और जिम्मेदारियों की आधिकारिक स्थिति संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
बारिश के मौसम में इस मार्ग की स्थिति और ज्यादा खराब होने की बात ग्रामीणों ने कही है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
कई स्थानों पर कीचड़ जमा होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि गड्ढे साफ दिखाई नहीं देते।
ऐसे में स्थानीय लोगों को दुर्घटना का डर बना रहता है। ग्रामीणों की मांग है कि कम से कम बारिश के दौरान गड्ढों को भरने और अंडरब्रिज वाले हिस्से को सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल अस्थायी व्यवस्था की जाए।
खर्रोही, धनुपुरा और चादऊआ समेत आसपास के गांवों के लोगों की आवाजाही इस मार्ग पर निर्भर बताई जा रही है। ग्रामीणों के लिए यह सड़क बाजार के अलावा अन्य जरूरी कामों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क खराब होने से मरीजों को अस्पताल ले जाने, बच्चों को स्कूल पहुंचाने और रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो समस्या लगातार बढ़ती जाएगी।
ग्रामीणों ने इस मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल कर पक्की सड़क बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण होने से आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराए और जिम्मेदार विभाग को चिन्हित करते हुए निर्माण या मरम्मत का काम जल्द शुरू कराया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गड्ढों में मिट्टी या मुरम डालने से स्थायी समाधान नहीं होगा। सड़क का पक्का निर्माण जरूरी है, ताकि बारिश के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि आखिर कब तक उन्हें खराब सड़क की वजह से अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी? जब बमीठा बाजार महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर है, तो लोगों को खजुराहो और राजनगर तक जाने की मजबूरी क्यों हो?
ग्रामीण प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
फिलहाल खर्रोही-बमीठा मार्ग की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। सड़क पर बने गड्ढे, बारिश का पानी, कीचड़ और रेलवे अंडरब्रिज के पास खराब रास्ते ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
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