
सार
दमोह/ आकिब खान: दमोह देहात थाना पुलिस ने शादी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए लुटेरी दुल्हन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक युवक से शादी कराने के नाम पर 1.70 लाख रुपये नकद और करीब 2.40 लाख रुपये के जेवर लिए गए। शादी के तीन दिन बाद कथित तौर पर दुल्हन की बड़ी बहन बनकर एक महिला उसे अपने साथ ले गई। जांच के दौरान आरोपी महिला के मोबाइल से कई युवतियों के कूटरचित आधार कार्ड मिलने का दावा पुलिस ने किया है।
विस्तार
मामला दमोह देहात थाना क्षेत्र के बांसा तारखेड़ा गांव का है। पुलिस के मुताबिक, गांव निवासी दिनेश पिता रामकौशल विश्वकर्मा (38) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी मुलाकात गांव की नर्मदा पटेल के जरिए कनेरा निवासी नीरज पटेल और मालती पटेल से हुई थी।
इसके बाद आरोपियों ने दिनेश की शादी रांझी, जबलपुर निवासी खुशबू राजपूत से कराने की बात तय की। पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को रानगिर मंदिर में दिनेश और खुशबू की शादी कराई गई।
शादी के बदले दिनेश से 1.70 लाख रुपये नकद लिए गए। इसके अलावा करीब 2.40 लाख रुपये के जेवर भी लिए गए। इस तरह शिकायत के मुताबिक, शादी के नाम पर कुल करीब 4.10 लाख रुपये का लेनदेन हुआ।
तीन दिन बाद दुल्हन को साथ ले गई महिला
पुलिस के अनुसार, शादी के महज तीन दिन बाद 23 अप्रैल को मालती पटेल बांसा तारखेड़ा पहुंची। उसने खुद को खुशबू की बड़ी बहन बताया और कहा कि कुछ दिनों बाद वह खुशबू को वापस भेज देगी।
इसके बाद मालती कथित तौर पर खुशबू को अपने साथ जबलपुर ले गई। दिनेश को उम्मीद थी कि दुल्हन वापस आ जाएगी, लेकिन इसके बाद खुशबू ने उससे संपर्क नहीं किया।
जब काफी समय तक दुल्हन वापस नहीं लौटी तो दिनेश ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने नर्मदा पटेल, नीरज उर्फ धीरज पटेल, मालती पटेल और खुशबू राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मोबाइल में मिलीं कई युवतियों की फर्जी आईडी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 28 अगस्त को नर्मदा पटेल और मालती पटेल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, मालती ने अपने पति नीरज उर्फ धीरज के साथ मिलकर शादी के नाम पर लोगों से ठगी कर पैसे कमाने की बात स्वीकार की।
जांच के दौरान मालती के मोबाइल फोन की तलाशी ली गई। पुलिस का दावा है कि मोबाइल में कई युवतियों के कूटरचित आधार कार्ड मिले हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि गिरोह शादी के लिए अलग-अलग युवतियों की पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था।
पुलिस अब मोबाइल में मिले दस्तावेजों और अन्य जानकारी के आधार पर गिरोह से जुड़े संभावित मामलों की भी जांच कर रही है।
नीरज पहले से पन्ना जेल में बंद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नीरज उर्फ धीरज पटेल के खिलाफ पन्ना जिले के अमानगंज में भी लुटेरी दुल्हन से संबंधित अपराध दर्ज है।
वर्तमान में नीरज उर्फ धीरज पटेल पन्ना जेल में बंद है। दमोह पुलिस ने इस मामले में उसकी भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा है।
दुल्हन ने दमोह के बाद कोटा में भी की शादी
मामले में पुलिस ने 31 अगस्त को खुशबू राजपूत को रांझी, जबलपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ और जांच में पुलिस के अनुसार एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
बताया गया कि दमोह में दिनेश से शादी करने के बाद खुशबू ने कोटा, राजस्थान में भी दूसरी शादी कर ली थी। पुलिस अब इस दूसरी शादी से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तार की गई खुशबू राजपूत को पुलिस द्वारा सोमवार को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक जेल में
इस मामले में अब तक पुलिस ने नर्मदा पटेल, मालती पटेल और खुशबू राजपूत को गिरफ्तार किया है। वहीं नीरज उर्फ धीरज पटेल पहले से पन्ना जेल में बंद है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और 7,700 रुपये नकद जब्त किए हैं। मोबाइल फोन में मिले कथित फर्जी दस्तावेजों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पुलिस टीम ने ऐसे किया खुलासा
मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में दमोह देहात थाना पुलिस की टीम की भूमिका रही। कार्रवाई में निरीक्षक धर्मेंद्र उपाध्याय, उप निरीक्षक विक्रम दांगी, प्रधान आरक्षक रामकुमार, आरक्षक अखलेश छारी, योगेंद्र और मनीष, महिला आरक्षक रचना विश्वकर्मा, महिला सैनिक गीता पटेल और सैनिक महफूज शामिल रहे।
पुलिस अब गिरोह के पुराने मामलों, मोबाइल में मिले दस्तावेजों और संभावित अन्य पीड़ितों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों से इसी तरह ठगी किए जाने के तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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