
सार
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र के सिलरा गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी कुटीर की मजदूरी का भुगतान नहीं मिलने का मामला जनसुनवाई में पहुंचा है। शिकायतकर्ता पंजाब सिंह परिहार का आरोप है कि उसने अपनी कुटीर का निर्माण पूरा होने तक मजदूरी की, लेकिन करीब 22 हजार रुपये की मजदूरी राशि उसके खाते में नहीं पहुंची। आरोप है कि सरपंच और सचिव की मिलीभगत से राशि निकाल ली गई। अब मजदूर ने मामले की जांच कराकर भुगतान दिलाने की मांग की है।
विस्तार
सिलरा निवासी पंजाब सिंह परिहार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसकी आवासीय कुटीर स्वीकृत हुई थी। कुटीर के निर्माण के दौरान उसने स्वयं मजदूरी का काम किया और निर्माण कार्य पूरा होने तक मेहनत की।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, काम पूरा होने के बाद उसे उम्मीद थी कि शासन की योजना के तहत निर्धारित मजदूरी की राशि उसे मिल जाएगी। हालांकि काफी समय बीत जाने के बावजूद उसे मजदूरी का भुगतान नहीं मिला।
सरपंच से भी की थी भुगतान की मांग
पंजाब सिंह का आरोप है कि मजदूरी की राशि नहीं मिलने के संबंध में उसने गांव की सरपंच शिव कुमारी जाटव से भी बात की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, सरपंच ने उसे शिकायत नहीं करने और बाद में मजदूरी का पैसा दिलाने की बात कही थी।
लेकिन आरोप है कि आश्वासन के बावजूद उसे अब तक मजदूरी की राशि नहीं मिल सकी। इसके बाद उसने मामले को अधिकारियों के सामने रखने का फैसला किया।
करीब 22 हजार रुपये निकालने का आरोप
शिकायतकर्ता ने पंचायत सचिव नरेश जाटव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पंजाब सिंह का आरोप है कि उसकी कुटीर से संबंधित करीब 22 हजार रुपये की मजदूरी राशि निकाल ली गई, लेकिन यह रकम उसे नहीं दी गई।
उसने सरपंच और सचिव की मिलीभगत से मजदूरी की राशि निकाले जाने की आशंका जताई है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जनसुनवाई में पहुंचा मामला
मजदूरी का भुगतान नहीं मिलने से परेशान पंजाब सिंह ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। उसने अधिकारियों को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि उसके नाम से मजदूरी की राशि जारी और निकाली गई है, तो इसकी जानकारी संबंधित रिकॉर्ड में उपलब्ध होगी। इसलिए भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और राशि निकासी की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
मजदूरी की राशि दिलाने की मांग
पंजाब सिंह ने अधिकारियों से मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की कुटीर से संबंधित मजदूरी भुगतान के रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। यदि उसके नाम से करीब 22 हजार रुपये की राशि निकाली गई है, तो यह पता लगाया जाए कि रकम किसके माध्यम से और किस आधार पर निकाली गई।
उसने अपनी मेहनत की मजदूरी उसे दिलाने और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल यह मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। सरपंच और सचिव की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। जनसुनवाई में शिकायत के बाद अब संबंधित विभाग द्वारा रिकॉर्ड की जांच किए जाने पर ही यह स्पष्ट होगा कि मजदूरी की राशि कब जारी हुई, किसके खाते या माध्यम से भुगतान हुआ और शिकायतकर्ता को भुगतान क्यों नहीं मिला।
मामले की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
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