
सार
गुना/ मोहित सोनी: शहर की पत्रकार कॉलोनी इन दिनों जलभराव और बदहाल व्यवस्थाओं के चलते रहवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि करीब पांच वर्षों से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी हुई है। उनका दावा है कि कॉलोनी के मूल स्वीकृत नक्शे में कथित बदलाव कर नाले, पार्क और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर प्लॉट काटकर बेच दिए गए, जिससे पानी की निकासी प्रभावित हुई है।
विस्तार
रहवासियों के मुताबिक बारिश होते ही कॉलोनी की सड़कें और रास्ते पानी से भर जाते हैं। कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना और कॉलोनी में आवागमन करना मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार बनी हुई है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि मूल नक्शे के अनुसार नालों और पार्क के लिए निर्धारित जमीन सुरक्षित रहती और जल निकासी की उचित व्यवस्था होती, तो बारिश के दिनों में इस तरह के हालात पैदा नहीं होते।
कॉलोनीवासियों ने कॉलोनी के लेआउट और जमीन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिन स्थानों से प्राकृतिक रूप से बारिश का पानी निकलता था, वहां कथित तौर पर प्लॉट काटकर बिक्री कर दी गई। इसके अलावा पार्क के लिए आरक्षित जमीन को लेकर भी रहवासियों ने अनियमितता के आरोप लगाए हैं।
रहवासियों का दावा है कि नक्शे में कथित बदलाव के कारण जल निकासी की पूरी व्यवस्था प्रभावित हुई और इसका सीधा असर कॉलोनी में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
कॉलोनीवासियों के अनुसार, समस्या को लेकर गुना न्यायालय में जनहित के उद्देश्य से मामला भी लगाया गया है। इसके बावजूद उनका कहना है कि करीब पांच साल बाद भी जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
रहवासियों की मांग है कि कॉलोनी के स्वीकृत मूल नक्शे और वर्तमान स्थिति का प्रशासनिक स्तर पर मिलान कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में नक्शे में किसी प्रकार का बदलाव हुआ है या नहीं।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर मंत्री, पूर्व मंत्री और जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। रहवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
अब एक बार फिर कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि कागजी कार्रवाई से ज्यादा जरूरी है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर जलभराव की वास्तविक स्थिति देखें और कॉलोनी के नक्शे तथा जमीन की मौजूदा स्थिति का मिलान करें।
रहवासियों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों और संबंधित अधिकारियों से भी मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने की अपील की है, ताकि समस्या की वास्तविकता सामने आ सके।
कॉलोनीवासियों की मांग है कि कॉलोनी की पार्क, नाले, सड़क और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीनों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में नाले या पार्क की जमीन की अवैध बिक्री अथवा नक्शे में अनियमित बदलाव की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
रहवासियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं है। उनकी मुख्य मांग वर्षों पुरानी जलभराव और आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर मौके का निरीक्षण कर क्या कार्रवाई करता है।
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