
सार
गुना/ मोहित सोनी: ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन की रिफंड प्रक्रिया का कथित तौर पर दुरुपयोग कर महंगे मोबाइल फोन हड़पने वाले एक बड़े नेटवर्क का गुना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कैंट थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 37 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है, जिसमें 35 लाख रुपये कीमत की ईवी कार और करीब 2 लाख रुपये के दो प्रीमियम मोबाइल फोन शामिल हैं।
विस्तार
मामले का खुलासा 31 अगस्त 2026 को उस समय हुआ, जब एक पीड़ित ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक आरोपी शेखर मीना ने 65 हजार रुपये कीमत का वनप्लस मोबाइल महज 45 हजार रुपये में देने का झांसा दिया था। आरोपी ने इसके लिए पीड़ित से 12 हजार रुपये एडवांस भी ले लिए, लेकिन इसके बाद न मोबाइल दिया और न ही रकम वापस की।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने शेखर मीना को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने ऑनलाइन ठगी के कथित नेटवर्क और अमेजन के रिफंड सिस्टम का दुरुपयोग करने की पूरी कार्यप्रणाली सामने आई।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अलग-अलग नाम और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर अमेजन पर फर्जी यूजर अकाउंट तैयार करता था। इसके बाद इन खातों से महंगे मोबाइल फोन के प्रीपेड ऑर्डर किए जाते थे।
आरोपी पार्सल की डिलीवरी के समय डिलीवरी बॉय को यह कहकर डिलीवरी होल्ड करवा देता था कि वह उस समय घर पर मौजूद नहीं है। इसके बाद इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर कथित तौर पर रिफंड हासिल किया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह की ठगी का तरीका दोहरा फायदा लेने पर आधारित था। डिलीवरी होल्ड रहने के दौरान आरोपी रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर रकम वापस अपने खाते में हासिल कर लेता था। इसके बाद कथित तौर पर कूरियर कर्मचारियों से साठगांठ कर उसी पार्सल को भी हासिल कर लिया जाता था।
इस तरह एक ही मोबाइल के लिए भुगतान की गई रकम भी वापस मिल जाती थी और मोबाइल फोन भी आरोपियों के कब्जे में आ जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जब फर्जी अकाउंट ब्लॉक हो जाते थे तो आरोपी नए मोबाइल नंबर और सिम कार्ड के जरिए नए अकाउंट तैयार करते थे। पुलिस ने टेलीकॉम कर्मचारियों की कथित भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि फर्जी नामों पर सिम और ओटीपी हासिल कर नए अकाउंट बनाए जाते थे और फिर उन्हीं के माध्यम से महंगे मोबाइल फोन ऑर्डर किए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक बिना भुगतान किए हासिल किए गए मोबाइल फोन आरोपियों द्वारा परिचित दुकानदारों और ग्राहकों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर बेचे जाते थे। इस तरह मोबाइल बेचकर गिरोह अवैध कमाई करता था।
पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शेखर मीना सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कैंट थाने में अपराध क्रमांक 758/26 के तहत BNS की धारा 318(4), 319(2), 316(2), 61(2) तथा IT Act की धारा 66(C), 66(D) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में 35 वर्षीय शेखर मीना निवासी ग्राम बिलौदा, थाना बमौरी, जिसे पुलिस ने मुख्य आरोपी बताया है, और तरुण शर्मा निवासी साढ़ा कॉलोनी, राघौगढ़ शामिल हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। अब पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, कूरियर नेटवर्क, सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले लोगों और बेचे गए मोबाइल उपकरणों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क ने लंबे समय से ऑनलाइन ठगी के जरिए बड़ी रकम अर्जित की हो सकती है। जांच में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति के सुराग मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।
पूरी कार्रवाई में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक अजय प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र शर्मा और नरेंद्र रघुवंशी तथा आरक्षक नीलेश रघुवंशी, राजीव रघुवंशी, संजय जाट, महेंद्र वर्मा, धर्मेंद्र रघुवंशी और रवि जाट की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
- guna-police-busts-amazon-fake-refund-fraud-gang-two-arrested-37-lakh-seized








