
सार
रानू परिहार | मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने 2021 के मुरैना जहरीली शराब कांड की याद ताजा कर दी है। सागर में अब तक कम से कम 11 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इसी बीच वर्तमान सागर एसपी अनुराग सुजानिया का नाम 2021 के मुरैना कांड से जुड़ने के कारण भी चर्चा में है। उस समय मुरैना में 24 लोगों की मौत के बाद तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को हटा दिया गया था। हालांकि, सागर मामले में मौतों का वास्तविक कारण और जिम्मेदारी जांच एवं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
विस्तार
सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन के बाद कई लोगों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। बराज, नौराज, घूघरा खुर्द और आसपास के गांवों में लोगों के बीमार पड़ने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें सक्रिय हुईं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार मौतों का आधिकारिक आंकड़ा 11 तक पहुंच चुका है, जबकि बड़ी संख्या में मरीजों का सागर के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है।
घटना के बाद सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी अनुराग सुजानिया सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और अस्पतालों में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित गांवों में भेजकर घर-घर स्क्रीनिंग भी कराई गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि पिछले 48 घंटे में शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति में उल्टी, मितली, आंखों से संबंधित परेशानी या अन्य लक्षण दिखाई दें तो तत्काल अस्पताल पहुंचें।
प्रारंभिक जांच में संदिग्ध जहरीली शराब को मौतों की वजह माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने अभी इसे अंतिम रूप से पुष्ट नहीं किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटरिया के मुताबिक मरीजों में दिखाई दे रहे लक्षणों के आधार पर मेथनॉल विषाक्तता की आशंका है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से अवैध शराब की कथित सप्लाई का एंगल भी सामने आया है। पुलिस इस नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक ललितपुर से सागर के सीमावर्ती इलाकों में नकली शराब पहुंचाए जाने की आशंका की जांच की जा रही है। इसी मामले में पुलिस ने 20 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और 10 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
इस घटना ने सागर के वर्तमान एसपी अनुराग सुजानिया के पूर्व कार्यकाल से जुड़े 2021 के मुरैना जहरीली शराब कांड की भी याद ताजा कर दी है। जनवरी 2021 में मुरैना के मानपुर और पहावली सहित आसपास के क्षेत्रों में जहरीली शराब के सेवन से 24 लोगों की मौत हुई थी। उस समय बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए थे और मामला प्रदेशभर में सुर्खियों में आया था।
मुरैना कांड के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए मुरैना के कलेक्टर अनुराग वर्मा और एसपी अनुराग सुजानिया को पद से हटा दिया था। तत्कालीन जौरा एसडीओपी को भी निलंबित किया गया था। बाद में इस मामले में अदालत ने 14 दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई थी।
यही वजह है कि सागर की मौजूदा घटना के बीच एसपी अनुराग सुजानिया का पूर्व मुरैना कार्यकाल भी चर्चा में आ गया है। हालांकि, केवल किसी अधिकारी के पूर्व कार्यकाल और वर्तमान जिले में हुई घटना के आधार पर वर्तमान मामले की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। सागर में अवैध शराब की आपूर्ति कहां से हुई, स्थानीय स्तर पर किसकी भूमिका थी और निगरानी व्यवस्था में कहीं चूक हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना के बाद प्रशासन ने शराब की दुकानों और संदिग्ध सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर दी है। कई दुकानों को सील किए जाने और शराब के नमूने जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के स्रोत तथा इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
मामले ने पुलिस, आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है, जबकि सरकार की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि मौतों के पीछे वास्तविक कारण क्या था और कथित अवैध शराब का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है।
सागर की घटना ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में अवैध और मिलावटी शराब की रोकथाम को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। मुरैना की 2021 की त्रासदी के बाद सख्ती के दावों के बावजूद यदि सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय पाया जाता है, तो यह निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल है। हालांकि, सागर मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच, पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही निकाला जा सकेगा।
ये भी पढ़े – नेपाल में बाढ़ त्रासदी के 13वें दिन राष्ट्रीय शोक, 1340 से ज्यादा मौतें; करीब 5000 लोग अब भी लापता
- "sagar-spurious-liquor-deaths-anurag-sujania-morena-hooch-case-2026








