
रतलाम/ नाहरू ख़ान: साइबर ठग अब ट्रैफिक चालान के नाम पर लोगों को निशाना बनाने की तैयारी में हैं। मोबाइल पर फर्जी E-Challan का मैसेज भेजकर APK फाइल डाउनलोड करवाने की कोशिश की जा सकती है। रतलाम पुलिस ने आमजन को आगाह करते हुए ऐसी संदिग्ध फाइलों और लिंक से दूर रहने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, एक गलती मोबाइल में सेंध लगाने के साथ बैंक खाते तक पहुंच का खतरा पैदा कर सकती है।
रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में साइबर अपराधों को लेकर यह एडवाइजरी जारी की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल और राकेश पन्द्रो के मार्गदर्शन में साइबर सेल ने लोगों को इस नए साइबर फ्रॉड के तरीके और उससे बचाव के उपाय बताए हैं।
ऐसे फंसाते हैं साइबर ठग
साइबर अपराधी SMS, WhatsApp या अन्य माध्यमों से लोगों को मैसेज भेज सकते हैं। मैसेज में दावा किया जाता है कि उनके वाहन का E-Challan लंबित है और जुर्माना भरने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा या कोई APK फाइल डाउनलोड करनी होगी।
लोगों को जल्दबाजी में फंसाने के लिए मैसेज में Traffic Challan, E-Challan, Pending Fine या RTO Challan जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कई बार जुर्माना नहीं भरने पर कार्रवाई होने का डर दिखाकर भी व्यक्ति से तुरंत लिंक खोलने या एप्लीकेशन इंस्टॉल करने को कहा जाता है।
APK डाउनलोड करना पड़ सकता है भारी
APK Android मोबाइल एप्लीकेशन की इंस्टॉलेशन फाइल होती है। साइबर ठग इसका इस्तेमाल फर्जी एप्लीकेशन तैयार करने के लिए कर सकते हैं। ऐसी संदिग्ध APK मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद अनावश्यक परमिशन मांग सकती है और संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकती है।
पुलिस के अनुसार, इसके जरिए OTP, SMS और अन्य मोबाइल डेटा तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है। बाद में इस जानकारी का इस्तेमाल वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
- अनजान नंबर से आए E-Challan लिंक पर क्लिक न करें।
- WhatsApp या SMS से आई किसी भी संदिग्ध APK को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- किसी के कहने पर Install Unknown Apps जैसी सुरक्षा सेटिंग को न बदलें।
- OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- संदिग्ध लिंक या फाइल की सत्यता जांचे बिना उसे न खोलें।
- चालान की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल या विश्वसनीय माध्यम का इस्तेमाल करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग, रिमोट एक्सेस या संदिग्ध एप्लीकेशन इंस्टॉल न करें।
गलती से APK इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति ने गलती से संदिग्ध E-Challan APK डाउनलोड या इंस्टॉल कर ली है, तो उसे तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। पुलिस की सलाह है कि मोबाइल को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करें और संदिग्ध एप्लीकेशन का इस्तेमाल न करें। जरूरत पड़ने पर उसे अनइंस्टॉल करें और बैंक से संपर्क कर खाते को सुरक्षित करवाएं।
यदि इसके बाद खाते से कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना देने पर ठगी की रकम को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ सकती है।
रतलाम पुलिस की अपील
रतलाम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि E-Challan या किसी भी सरकारी सेवा के नाम पर आने वाले अनजान लिंक, APK फाइल और संदिग्ध मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें।
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