
सार
देवेश शर्मा| मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने प्रशासनिक स्तर पर दो अहम मामलों में कार्रवाई की है। अमरपाटन तहसील के खरमसेड़ा में शासकीय भूमि खसरा नंबर 1625 में दर्ज विभिन्न निजी स्वामित्व की प्रविष्टियों को निरस्त कर जमीन को दोबारा मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं खरीफ 2026-27 की फार्मर रजिस्ट्री और फसल गिरदावरी में लक्ष्य के अनुरूप कम प्रगति मिलने पर मैहर, अमरपाटन और रामनगर तहसीलों के संबंधित तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
विस्तार
मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने राजस्व मामलों और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में प्रगति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने ग्राम खरमसेड़ा, तहसील अमरपाटन स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 1625 में विभिन्न व्यक्तियों के नाम दर्ज निजी स्वामित्व की प्रविष्टियों को निरस्त करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही भूमि को पूर्ववत मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश प्रकरण क्रमांक 0017/निगरानी/2021-22 में पारित किया गया है। ग्राम पंचायत खरमसेड़ा की आम जनता की ओर से खसरा नंबर 1625 में दर्ज कथित अवैध एवं फर्जी पट्टों को निरस्त करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अमरपाटन से मामले की विस्तृत तथ्यात्मक जांच कराई गई।
जांच के दौरान उपलब्ध राजस्व अभिलेखों की पड़ताल में सामने आया कि खतौनी वर्ष 1958-59 में खसरा नंबर 1625 का कुल रकबा 203.42 एकड़ यानी 82.320 हेक्टेयर पहाड़ एवं अकृषि भूमि के रूप में शासकीय खाते में दर्ज था। वर्ष 1989-90 से 1992-93 तक भी यह भूमि मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज रही। वर्ष 2004-05 के अभिलेखों में भी खसरा नंबर 1625 का कुल रकबा 82.320 हेक्टेयर दर्ज पाया गया।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि बाद के वर्षों में मूल खसरे के विभिन्न बटांकों में निजी व्यक्तियों के नाम निजी स्वामित्व संबंधी प्रविष्टियां दर्ज की गई थीं। अभिलेखीय तथ्यों के परीक्षण के बाद कलेक्टर ने इन निजी स्वामित्व प्रविष्टियों को विलोपित करते हुए भूमि को खतौनी वर्ष 1958-59 के अनुरूप फिर से मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमरपाटन को आदेश के अनुसार राजस्व अभिलेखों में आवश्यक दुरुस्ती करने और संबंधित पक्षों को आदेश की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इसी तरह कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने खरीफ 2026-27 के तहत फार्मर रजिस्ट्री और फसल गिरदावरी कार्य की भी समीक्षा की। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री और फसल गिरदावरी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
कम प्रगति वाले क्षेत्रों में तहसील मैहर के तहसीलदार मैहर तथा नायब तहसीलदार अमदरा, नादन और बदेरा शामिल हैं। तहसील अमरपाटन के तहसीलदार अमरपाटन और नायब तहसीलदार ताला को भी नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा तहसील रामनगर के तहसीलदार रामनगर तथा नायब तहसीलदार बड़वार और झिन्ना से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस प्राप्त होने की तारीख से तीन दिन के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि संबंधित अधिकारी को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री और फसल गिरदावरी जैसे प्राथमिकता वाले कार्यों में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने तथा अधीनस्थ अमले के काम की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से इन दोनों कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही गई है।
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